उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एन आई एक्ट के ज्यादातर मामलों में सुलह समझौते की अधिक संभावना होती है। न्यायालय में लंबित चेक बाउंस के सभी मुकदमों में पक्षकारों को नोटिस जारी कर प्रि काउंसलिंग करें।
पक्षकारों और उनके अधिवक्ताओं से समन्वय स्थापित कर समझौते के सभी बिंदुओं पर चर्चा कर मुकदमें को 18 जुलाई को होने वाले विशेष लोक अदालत में रेफर करें। उन्होंने 12 सितंबर को होने वाले वाले राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए भी पक्षकारों नोटिस जारी कर प्रि काउंसलिंग करने का निर्देश दिया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि शमनीय आपराधिक मुकदमों में सीधे पक्षकारों को नोटिस कर आपस में समझौता कराने का प्रयास करें। वहीं विद्युत विभाग, माप तौल, वन विभाग, श्रम विभाग के मामलों में प्राधिकार के सचिव आरती कुमारी को संबंधित विभागीय अधिकारियों के समन्वय से पक्षकारों के साथ प्रि काउंसलिंग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक मुकदमों के निपटारे के लिए हर संभव प्रयास करें। दूसरी ओर राष्ट्रीय लोक अदालत में क्लेम केस के निपटारे को लेकर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम श्री उपेन्द्र कुमार एवं सचिव आरती कुमारी ने क्लेम केस से जुड़े अधिवक्ताओं के साथ बैठक की,अधिवक्ताओं से मुकदमों के निपटारे को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सीजेएम श्री जुनैद आलम, एसीजेएम डाक्टर पुष्पम किशोर व राजीव रंजन, एसडीजेएम सत्यम, सिविल जज जूनियर डिवीजन धनंजय पांडेय, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रमोद कुमार, सुधांशु रंजन सिंह, अर्चिता सिन्हा, अभिषेक पणवार, शलभ शर्मा, शैल कुमारी, हरि प्रिया एवं अमित कुमार आर्य मौजूद थे।




