समस्तीपुर का युवक भोजपुर में गिरफ्तार, दोस्त की मदद से वीडियो बनाकर पत्नी-पिता को भेजा।
‘चाचा, मम्मी-पापा मुझे बचा लो। मेरा अपहरण हो गया है, 60 हजार रुपए मांग रहे हैं, नहीं दिया तो ये लोग मुझे जान से मार देंगे। बदमाशों ने एक वीडियो भी बनाया है, मुझे जंगल वाले इलाके में रखा है, बदमाशों ने आप लोगों को वीडियो भी भेजा है, प्लीज मुझे बचा लीजिए।’, ये कहते हुए समस्तीपुर के लड़के ने अपने घर फोन कर चाचा को ये बातें बताई।
फोन डिस्कनेक्ट होने के बाद चाचा के मोबाइल पर एक वीडियो आया, जिसमें झाड़ियों के बीच उनका भतीजा दिख रहा है, उसके शरीर पर कपड़े नहीं हैं, उसे एक पेड़ से बांधा गया है। भतीजे की कॉल और वीडियो देखने के बाद पीड़ित के चाचा समस्तीपुर पुलिस के पास पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी दी। वीडियो देखने और पीड़ित के चाचा की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की।
जिस मोबाइल नंबर से वीडियो भेजा गया था, उसका लोकेशन निकाला, तो भोजपुर जिले के गड़हनी थाना का निकला। इसके बाद पीड़ित के चाचा भोजपुर पहुंचे और गड़हनी पुलिस को पूरी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की और वीडियो भेजने के वाले आरोपी को पीड़ित लड़के के साथ पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि पीड़ित लड़के ने अपने रोहतास के रहने वाले दोस्त के साथ मिलकर अपहरण की झूठी साजिश रची थी।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। खुद के अपहरण की झूठी साजिश रचने वाले आरोपी की पहचान समस्तीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के सिहुली गांव के रहने वाले गोविंद कुमार, जबकि उसके दोस्त की पहचान रोहतास जिले के दावथ थाना क्षेत्र के परमानपुर गांव के रहने वाले रजनीश तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसमें अपहरण के फर्जी वीडियो सहित कई सबूत मौजूद मिले हैं।
सेकेंड हैंड कार खरीदने के लिए रची थी अपहरण की झूठी साजिश पूछताछ में गोविंद कुमार ने बताया कि उसे सेकेंड हैंड कार खरीदनी थी, इसलिए उसने ये पूरी झूठी कहानी रची।
पुणे से घर लौटते समय रास्ते में गायब हो गया और इसके बाद एक अपहरण का झूठा नाटक का वीडियो बनाकर पत्नी और पिता को भेजा। वीडियो में गोविंद अर्धनग्न अवस्था में पेड़ से बंधा नजर आया। वीडियो बनाने वाला उसका बाल पकड़कर खींचता नजर आया। चेहरे से लग रहा था कि गोविंद के साथ मारपीट भी की गई है। वीडियो देखने के बाद गोविंद के परिवार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
गोविंद के चाचा अनिल कुमार ने बताया कि भतीजा पिछले 6 साल से पुणे में काम कर रहा है। उसने पुणे के एक कॉलेज से बी.टेक किया। इसके बाद वही एक प्राइवेट कंपनी में काम करने लगा। गोविंद कुमार की पत्नी के रिश्तेदारी में शादी होनी थी।
लिहाजा, शामिल होने के लिए गोविंद 29 जून को छुट्टी लेकर समस्तीपुर के लिए ट्रेन से चला। एक जुलाई को उसने अपनी पत्नी बबीता कुमारी को कॉल कर बताया कि मैं पटना पहुंच गया हूं। लेकिन कुछ घंटे बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। परिजन पूरी रात फोन करते रहे, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वीडियो से लिया गया स्क्रिनशॉट जिसे गोविंद ने अपने दोस्त की मदद से पत्नी और पिता को भेजा था।
वीडियो से लिया गया स्क्रिनशॉट जिसे गोविंद ने अपने दोस्त की मदद से पत्नी और पिता को भेजा था। 2 जुलाई को पत्नी बबीता के मोबाइल पर गोविंद के नंबर से एक कॉल आया, जिसमें 60 हजार रुपए की फिरौती मांगी गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
इसके साथ ही एक वीडियो भी भेजा गया, जिसमें गोविंद पेड़ से बंधा हुआ था और वीडियो में मारपीट व धमकी की आवाजें आ रही थीं। ये देख पत्नी और ससुर राजेन्द्र मंडल परेशान हो गए थे। 2 साल पहले 14 लाख रुपए खर्च कर कराया बिजनेस अनिल कुमार ने बताया कि दो साल पहले गांव में लेथ मशीन बैठाने के लिए गोविंद को 14 लाख रुपए दिए गए थे, लेकिन उसकी लापरवाही के कारण कारोबार नहीं चला और काम बंद हो गया। गोविंद इसके बाद वापस पुणे चला गया।
आखिरी बार छह महीने पहले वो गांव घूमने आया था। वापस जाने के बाद तीन से चार महीने पहले उसने पुणे से कॉल कर 50 हजार रुपए की डिमांड की थी। गोविंद ने कहा था कि मैं गाड़ी चला रहा था, तब मेरी गाड़ी से किसी को धक्का लग गया, मुझे घायल को 50 हजार रुपए देने हैं। अनिल ने बताया कि हम लोगों ने तत्काल पैसे भेज दिए थे, लेकिन ये मामला देखकर लग रहा है कि उस वक्त भी उसने झूठ बोलकर ही पैसे लिए होंगे।
गोविंद की पत्नी गर्भवती है, दो या तीन दिनों के अंदर उसकी डिलीवरी होने वाली है। फिलहाल, गोविंद की पत्नी बबीता देवी अपने मायके रोसड़ा अनुमंडल के मझरहिया में है। चाचा अनिल ने कहा कि अभी उसे जेल में ही रहने देंगे ताकि उसे अपनी गलती का एहसास हो।
पुलिस बोली- फर्जी अपहरण का अनोखा मामला गड़हनी थाना प्रभारी ने बताया कि यह मामला अत्यंत चौंकाने वाला है। युवक ने सुनियोजित तरीके से खुद को अपहृत दिखाकर परिजनों से पैसे ऐंठने की साजिश रची थी। वीडियो गड़हनी स्टेशन के आस-पास एक जंगल में बनाया गया था। इस मामले में दोनों युवकों के खिलाफ ठगी, आपराधिक षड्यंत्र और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
