हनुमाननगर के शैक्षणिक उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा राजकीय डिग्री महाविद्यालय कोल्हंटा पटोरी:-प्राचार्य
हनुमाननगर प्रखंड के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ,जब बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने ऑनलाइन माध्यम से राजकीय डिग्री महाविद्यालय,हनुमाननगर (कोल्हंटा पटोरी), दरभंगा का विधिवत उद्घाटन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मिथिला की समृद्ध परंपरा के अनुरूप सभी विशिष्ट अतिथियों एवं पदाधिकारियों का पाग एवं चादर से भव्य स्वागत किया गया।
उद्घाटन के बाद महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मो. रहमतुल्लाह ने नवप्रवेशित प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को अपना संबोधन देते हुए कहा कि आज का दिन दरभंगा जिला के हनुमाननगर प्रखंड सहित राज्य के 211 ऐसे प्रखंडों के लिये मील का पत्थर साबित हुआ है, जहां पहले से कोई भी कॉलेज नहीं थी। आज का दिन ऐसे प्रखंडों के लिये ऐतिहासिक साबित हुआ है और एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने ऑनलाइन माध्यम से राजकीय डिग्री महाविद्यालय, हनुमाननगर (कोल्हंटा पटोरी), दरभंगा सहित 211 डिग्री महाविद्यालयों का विधिवत उद्घाटन किया है। आगे उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, नियमित अध्ययन, नैतिक मूल्यों तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने का आह्वान किया। अपने संबोधन में प्रधानाचार्य ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं स्थानीय नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि यह महाविद्यालय क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा का नया द्वार खोलेगा और सामाजिक व शैक्षणिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
समारोह में उपस्थित लोगों ने बिहार सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि हनुमान नगर क्षेत्र में राजकीय डिग्री महाविद्यालय की स्थापना लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता थी। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि और मील का पत्थर बताया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर उत्साह, उल्लास और गौरव के वातावरण से सराबोर रहा। उद्घाटन का यह ऐतिहासिक क्षण क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।
इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल, अपर समाहर्ता राजस्व मनोज कुमार, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर एवं क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण, बुद्धिजीवी, जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएँ, अभिभावक तथा जिला प्रशासन एवं बिहार सरकार के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
