दरभंगा : 188 स्कूलों में लगे सबमर्सिबल का काम अधूरा:दरभंगा में 19 सबमर्सिबल पंप की जांच करेगी पीएचईडी, कहीं नल नहीं तो कहीं चबूतरा का निर्माण अधूरा
सरकार ने दरभंगा जिले के 188 विद्यालयों में सबमर्सिबल लगाने का आदेश दिया था। इस योजना के लिए 2 लाख 65 हजार रुपए प्रति सबमर्सिबल की राशि डीईओ कार्यालय को उपलब्ध करा दी गई। विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के कार्यकाल में प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सबमर्सिबल की समीक्षा होती थी। बिहार शिक्षा परियोजना के अभियंताओं ने जैसे-तैसे सबमर्सिबल लगा भी दिया लेकिन काम अब तक पूरी तरीके से पूरा नहीं हुआ है। कहीं बोरिंग हुई तो टैंक नहीं लगा। टैंक लगा तो रनिंग वाटर आपूर्ति का पाइप नहीं लगा। किसी विद्यालय में दोनों काम हुए तो उसका चबूतरा नहीं बना।
शिकायत मिलने पर ही राज्य सरकार ने पीएचईडी को सबमर्सिबल जांच का जिम्मा सौंपा है। 19 विद्यालयों में लगाए गए सबमर्सिबल की जांच पीएचईडी द्वारा की जा रही है। वह अपना जांच प्रतिवेदन सीधे शिक्षा विभाग को सौंपेगा। इधर डीईओ समर बहादुर सिंह ने कहा कि अभियंताओं से सबमर्सिबल का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। उनके सत्यापन के बाद ही भुगतान किया जाएगा। हनुमान नगर प्रखंड मोरो उत्क्रमित उच्च विद्यालय में बोरिंग तो हुआ लेकिन बच्चों की संख्या के अनुपात में नलका नहीं लगा हुआ है। विद्यालय के उत्क्रमण सहित सभी कार्यों में लगे उमेश राय ने कहा कि आधा अधूरा काम का कभी पूरा लाभ नहीं मिलता है। बेनीपुर प्रखंड के अमेटी उच्च विद्यालय में भी बोरिंग होने के बावजूद बच्चे चबूतरा के अभाव में नल से पानी नहीं पीते हैं। यह इसलिए क्योंकि नल से धरती पर गिरने वाले पानी से ड्रेस गंदी हो जाती है।
