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बिहार: प्रशासन ने दी थी चेतावनी पर मुहर्रम जुलूस में खुलेआम लहराता रहा विवादित झंडा, फिर मोतिहारी में हुआ एक्शन

मुहर्रम के दौरान पहले ही पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने सभी को अलर्ट कर दिया था कि कानून को कोई भी अपने हाथ में नहीं ले सकता है. बावजूद इसके एक युवक हाथ मे फिलिस्तीन का झंडा लहरा रहा था पर किसी ने झंडे को हटाने की कोशिश नहीं की.

मोतिहारी में फिलीस्तीनी झंडा लहराये जाने के मामले की डीएसपी सतेंद्र सिंह ने पुष्टि की.
मोतिहारी में फिलीस्तीनी झंडा लहराये जाने के मामले की डीएसपी सतेंद्र सिंह ने पुष्टि की.

मुहर्रम को लेकर बिहार में प्रशासन हाई अलर्ट पर है. विभिन्न जिलों में ताजिया जुलूस निकाले जा रहे हैं, लेकिन इसी क्रम में कई जगह उपद्रवी तत्व कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं. ऐसा ही मामला पूर्वी चंपारण के मेहसी नगर पंचायत से सामने आया है. यहां मुहर्रम जुलूस के दौरान एक युवक ने विवादित फिलिस्तीन झंडा को लहराया. युवक बिना डर और बिना खौफ के फिलिस्तीनी झंडे को जुलूस के दौरान बार-बार लहराता रहा, लेकिन प्रशासन के कोई भी व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था. हालांकि, बाद में एसपी की जानकारी में मामला आने के बाद एक्शन लिया गया है.

मुहर्रम के दौरान पहले ही पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने सभी को अलर्ट कर दिया था कि कानून को कोई भी अपने हाथ में नहीं ले सकता है. बावजूद इसके एक युवक हाथ मे फिलिस्तीन का झंडा लहरा रहा था पर किसी ने झंडे को हटाने की कोशिश नहीं की. वहीं पुलिस प्रशासन का कोई भी व्यक्ति ने जुलूस के दौरान फिलिस्तीन झंडे को लहराने से नहीं रोका. वहीं, वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई है और फिलीस्तीन झंडा हाथ में लिए हुए युवक की पहचान कर उसकी हिरासत में ले लिया है.

बता दें कि बिहार के कई जिलों में फिलीस्तीन के झंडा लहराने का मामला सामने आया है और पुलिस ने कानूनी कार्रवाई भी की है. इस मामले में भी एसपी कांतेश मिश्रा के आदेश के बाद चकिया के डीएसपी सत्येंद्र सिंह ने कानूनी कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में लिया है. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मुहर्रम के जुलूस में फिलीस्तीन झंडा लहराने का मामला सामने आया था और वीडियो के आधार पर हमने युवक को अपने हिरासत में लिया है. आरोपी युवक से पूछताछ की जा रही है ।

बता दें कि चकिया अनुमंडल क्षेत्र का चकिया और मेहसी थाना क्षेत्र पीएफआई का गढ़ रहा है. पीएफआई पर भारत सरकार द्वारा बैन लगाए जाने के बाद इससे जुड़े अंडर और ओवर ग्राउंड कार्यकर्ताओं की सक्रियता कुछ कम हुई है. पटना के फुलवारीशरीफ टेरर मॉड्यूल सामने आने के बाद एनआईए, एटीएस और स्पेशल टास्क फोर्स ने इन दोनों थाना क्षेत्रों में कई बार छापेमारी की थी और पीएफआई के कई हार्डकोर सदस्यों को पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है.

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