90 दिनों में जिले की 54 पंचायतों को बनाया जाएगा बाल श्रम मुक्त पंचायत : डीएम

बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश, दोषी नियोजकों पर होगी कानूनी कार्रवाई

जिला पदाधिकारी श्री कौशल कुमार ने बताया कि श्रमायुक्त, बिहार से प्राप्त निर्देश के आलोक में जिले के सभी 18 प्रखण्डों की तीन-तीन पंचायतों का चयन कर बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए सुनियोजित एवं समयबद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान की अवधि 90 दिनों की होगी तथा इसके उपरांत चयनित पंचायतों को “बाल श्रम मुक्त पंचायत” घोषित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जिले की 54 चयनित पंचायतों में अदलपुर, लोआम, नैनाघाट, अघरा महापरा, पिड़री, टिकापट्टी, मझोलिया, पौराम, पतौर, बनसारा, कोठिया, लालगंज, धनौल, हरहच्चा, बलिगांव, अरौला, गोदाईपट्टी, गौढ़ेला, राढ़ी दक्षिणी, राढ़ी उत्तरी, सहसपुर, कटका, निस्ता, अस्थुआ, लदहो, कमरकला, रोहार महमुदा, पोखरभिंडा, राजा खरवार, ठेंगहा, चनौर, भंडारिसम, जतुका पैकटोल, झगरूआ, झगरूआ तरवाड़ा, नरकटिया भंडरिया, मकरमपुर, सझुआर, हबी भौआर, हरिनगर, भादर, औराही, लटहा तुमौल सुहथ, हनुमाननगर, नरमा नवानगर, बरौम, गौड़ामानसिंह, कसरौर करकौली, पुनहद, गनौन, तुमौल, उसरी, भिण्डुआ एवं ईटहर पंचायत शामिल हैं। इन पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाकर बाल एवं किशोर श्रम का पूर्ण उन्मूलन सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्राधीन चयनित पंचायतों में स्थित प्रतिष्ठानों, दुकानों एवं घरेलू कार्यों में संलग्न बाल एवं किशोर श्रमिकों की पहचान कर उन्हें श्रम से मुक्त कराने हेतु विशेष अभियान चलाएं। साथ ही बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत दोषी नियोजकों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें।उन्होंने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रम से मुक्त कराए गए प्रत्येक बाल एवं किशोर श्रमिक का निकटतम विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि वे पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें।सभी प्रखण्ड पंचायत राज पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चयनित पंचायतों में गठित पंचायत स्तरीय टास्क फोर्स की नियमित बैठकें आयोजित कर अभियान की सतत समीक्षा करें तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित अवधि में लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप है जिसके उन्मूलन के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं आमजन से इस अभियान में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही जिले की चयनित पंचायतों को निर्धारित समय-सीमा में बाल श्रम मुक्त पंचाय घोषित करने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।
