बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री जुनैद आलम ने कहा कि न्यायालयों द्वारा सुलह समझौते योग्य मुकदमों में पक्षकारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। अधिक से अधिक मुकदमों के निपटारे के लिए सभी नोटिसों को ससमय पक्षकारों तक पहुंचना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि यह भी जरूरी है कि नोटिस तामील कराने वाले पुलिस अधिकारी पक्षकारों को विशेष रूप से सुलह समझौते के लिए प्रेरित करें।
मुकदमों के लोक अदालत में निपटारे से होनेवाले फायदों से भी उन्हें अवगत करायें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने कहा कि 18 जुलाई को एनआईएक्ट के चेक बाउंस संबंधी मुकदमों के निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत आयोजित किया जाएगा।
वहीं सभी तरह के शमनीय मुकदमों के निपटारे के लिए 12 सितंबर को वर्ष 2026 का तीसरा राष्ट्रीय लोक अदालत लगाया जाएगा। लोक अदालतों के सफल आयोजन में ससमय नोटिस तामिले की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए नोटिसों का ससमय तामिल होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नोटिस तामील कराने वाले अधिकारी तामिला रिपोर्ट पर पक्षकारों का मोबाइल नंबर आवश्यक रूप से दर्ज करायें और रिपोर्ट कार्यालय में जमा करायें। लोक अदालत का आयोजन दरभंगा,बेनीपुर एवं बिरौल न्यायालय परिसर में आयोजित किया जाएगा।बैठक में जिले के सभी थानाध्यक्ष मौजूद थे।




