‘दिसंबर से युवाओं को 10-12 हजार रुपए की मिलेगी नौकरी’:समस्तीपुर में प्रशांत किशोर बोले।
पीएम देशभर का पैसा लेकर गुजरात में फैक्ट्री लगवा रहे समस्तीपुर49 मिनट पहले कल्याणपुर के मालीनगर में सभा को संबोधित करते प्रशांत किशोर। कल्याणपुर के मालीनगर में सभा को संबोधित करते प्रशांत किशोर। समस्तीपुर के कल्याणपुर में बिहार बदलाव यात्रा के तहत प्रशांत किशोर पहुंचे। इन्होंने पीएम मोदी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आपने मोदी का चेहरा देख कर वोट दिया, तो चायवाला प्रधानमंत्री बन गया।
पीएम मोदी बिहार के लोगों का वोट लेकर और देश भर का पैसा लेकर अपने राज्य गुजरात में फैक्ट्री लगवा रहे हैं। आपके बच्चे गुजरात जाकर उन्हीं फैक्ट्रियों में 10-12 हजार रुपए के लिए मजदूरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपको अपने बच्चों के शिक्षा और रोजगार की चिंता करनी चाहिए। उदाहरण देते हुए समझाया कि बिहार के लोगों को लालू से सीखना चाहिए कि बच्चों की चिंता क्या होती है। लालू का बेटा 9वीं पास भी नहीं है, फिर भी वह चाहते हैं कि उनका बेटा राजा बने और दूसरी तरफ बिहार के लोग जिनके बच्चे मैट्रिक, बी.ए. (B.A), एम.ए. (M.A) कर चुके हैं, फिर भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। कल्याणपुर में सभा के दौरान पीके।
कल्याणपुर में सभा के दौरान पीके। पीएम मोदी को मंदिर के लिए वोट दिया, वो बन गया प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार के लोगों ने पीएम मोदी को मंदिर के लिए वोट दिया, वो बन गया। जाति के नाम पर वोट दिया तो नीतीश कुमार ने जाति गणना करा दिया। प्रशांत किशोर ने जनता से बड़ा वादा करते हुए कहा कि इस बार बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली-छठ होगी। जुटी लोगों की भीड़।
जुटी लोगों की भीड़। प्रशांत किशोर ने समस्तीपुर में जनता से बड़ा वादा करते हुए कहा कि इस साल बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली और छठ होगी। छठ के बाद कल्याणपुर समेत समस्तीपुर के युवाओं को 10-12 हजार रुपए की मजदूरी करने के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा। बिहार भर के ऐसे 50 लाख युवाओं को वापस बुलाकर उन्हें यहीं 10-12 हजार रुपए का रोजगार दे दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जन सुराज की व्यवस्था बनी तो 60 साल से अधिक उम्र के हर पुरुष और महिला को 2000 रुपए मासिक पेंशन दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बड़ा ऐलान किया कि जब तक सरकारी विद्यालयों में सुधार नहीं हो जाएगा, तब तक आप अपने 15 साल से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाएं और उनकी फीस सरकार भरेगी ताकि गरीब का बच्चा भी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ सके।
