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बिहार के इन शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने कहा- प्रमोशन टीचर का अधिकार।

पटना हाई कोर्ट ने बिहार के पंचायत एवं प्रखंड शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ कर दिया है। इन शिक्षकों को अगले तीन महीने के भीतर पदोन्नति देने का आदेश बिहार सरकार को अदालत ने दिया है।

 

बिहार के इन शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने कहा- प्रमोशन टीचर का अधिकार पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को बिहार के चुनिंदा शिक्षकों को राहत देते हुए उन्हें प्रमोशन का लाभ देने का फैसला सुनाया है।

 

राज्य के पंचायत व प्रखंड शिक्षकों के पक्ष में अदालत ने 25 पेज का फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि अगले 3 महीनों के भीतर वरीयता सूची तैयार कर इन शिक्षकों को प्रोन्नति दी जाए। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति के 12 साल की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले टीचर को स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक पद पर प्रमोशन मिलना ही चाहिए।

 

पटना हाईकोर्ट के जस्टिस पुर्णेन्दु सिंह की एकलपीठ ने सीतामढ़ी जिले के प्रकाश कुमार एवं 11 अन्य की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। कोर्ट ने बिहार सरकार को 3 माह के प्रमोशन की प्रक्रिया को पूरी करने का आदेश दिया है। आवेदकों की ओर से अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार ने कोर्ट को बताया कि सीतामढ़ी जिले के 12 शिक्षकों ने 2003 से 2007 के बीच नियुक्ति और प्रशिक्षण योग्यता प्राप्त कर ली। इसके बावजूद उन्हें अब तक प्रोन्नति से वंचित रखा गया है।

 

समय से प्रमोशन शिक्षकों का कानूनी अधिकार हाईकोर्ट ने बिहार पंचायत प्रारंभिक शिक्षक सेवा नियमावली 2012 और 2020 का हवाला देते हुए कहा कि समयबद्ध पदोन्नति मिलना शिक्षकों का कानूनी अधिकार है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि सरकार की उदासीनता से शिक्षकों को उनके वैधानिक अधिकार से वंचित रखना असंवैधानिक है। समान कार्य करने वाले शिक्षकों को अलग-अलग वेतनमान देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है। कोर्ट ने अर्जी को मंजूर करते हुए शिक्षकों को एक बड़ी राहत दी।

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