बेगूसराय में पत्रकारों ने निकाला मार्च:5 जर्नलिस्ट पर दर्ज केस वापस लेने की मांग, कहा- सच जानने के अधिकार पर हुआ हमला।
बेगूसराय जिला प्रशासन की ओर से वरिष्ठ यूट्यूब पत्रकार अजीत अंजुम पर FIR दर्ज किया गया है। इस कारण पत्रकारों में आक्रोश है। अजीत अंजुम पर हाल में केस दर्ज कराया गया है। सीएम की प्रगति यात्रा के दौरान बेगूसराय के पांच पत्रकारों पर दर्ज केस को वापस लेने की मांग की गई है। इसको लेकर पत्रकारों ने आज प्रतिरोध मार्च निकाला।
प्रतिरोध मार्च जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष विनोद कर्ण और महासचिव सौरभ कुमार के नेतृत्व में आईएमए हॉल से काली स्थान होते हुए हड़ताली चौक पर पहुंच कर समाप्त हुई।
पत्रकारों का कहना है कि केस दर्ज कराना पत्रकारों पर नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता और जनता के सच जानने के अधिकार पर सीधा हमला है। संघ के अध्यक्ष विनोद कर्ण व वरिष्ठ पत्रकार अशांत भोला ने कहा कि जिला प्रशासन पत्रकारों की आवाज दबाने का लगातार प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन का रवैया हमेशा से पत्रकारों के खिलाफ रहा है।
नकारात्मक रवैया के कारण मुकदमा दर्ज
नकारात्मक रवैया के कारण बार-बार जिला प्रशासन बेगूसराय में पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज कर रही है। जनवरी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रगति यात्रा में मुख्यमंत्री के बयान का खबर चलाने पांच पत्रकारों पर केस दर्ज किया गया। इस मामले में डीएम ने आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उस मुकदमा की वापसी नहीं हुई है।
इस बीच मतदाता गहन पुनरीक्षण काम की खबर अजीत अंजुम जब दिखाया तो उस पर भी जिला प्रशासन के आदेश पर एक प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। पत्रकार संघ अजीत अंजुम पर दर्ज मुकदमा वापस करने सहित पांच पत्रकारों पर दर्ज मुकदमा को वापस करने की मांग को लेकर प्रतिरोध मार्च किया है।
प्रतिरोध मार्च में लोग शामिल हुए है।
अगर जल्द मांग को पूरा नहीं किया गया, तो आगे जिला पत्रकार संघ चरणबद्ध आंदोलन करेगी। पत्रकारों का काम है कि खबर संकल्प कर सच को दिखाएं, प्रशासन आवाज दबाने का प्रयास करेगी तो उसका प्रतिकार भी करेंगे। पत्रकारों ने कहा कि जिला प्रशासन के धमकी से डरने वाले नहीं हैं, हमेशा जनता की आवाज बनकर सच दिखाने का काम करेंगे।
