Wednesday, June 24, 2026
Homeपानी को रिसाइकिल करने की जरूरत है : प्रो. विद्यानाथ झा।

पानी को रिसाइकिल करने की जरूरत है : प्रो. विद्यानाथ झा।

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पारा@36 डिग्री, शहरी क्षेत्र में जलस्तर@23 फीट
गर्मी की शुरुआत होते ही जलसंकट से निपटने के लिए योजनाओं की भरमार के बावजूद शहरी क्षेत्र में जलसंकट ने आहट दे दी है। शहर के अधिकतर मोहल्लों में सामान्य चापाकल सूख गए हैं। कुछ जगहों पर सुबह 4 से 6 बजे के बीच ही थोड़ी मात्रा में पानी निकल रहा है। आज कल सर्वाधिक तापमान 35 से 36 डिग्री हो जाता है।

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अभी 40 से 45 डिग्री तापमान को झेलना बाकी है। लेकिन पीएचईडी के मुताबिक शहर के कई मोहल्लों में औसतन जलस्तर 23 फीट तक पहुंच गया है। जबकि सामान्य चापाकल 18 से 20 फीट तक ही पानी खींच पाते हैं। ऐसे में अब सिर्फ इंडिया मार्का चापाकल ही काम कर रहे हैं। कहीं जगह पर यह चापाकल भी खराब पड़े हुए हैं। वहीं शहर से लेकर गांवों तक वाशिंग सेंटरों में वाहनों की साफ सफाई के नाम पर पानी की बर्बादी हो रही है।

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इसे देखने वाला कोई नहीं है। शहर के सुंदरपुर में जलस्तर 28 फीट 11 इंच, बेला ब्रह्मस्थान में 27 फीट 2 इंच, रूहेलागंज में 21 फीट 2 इंच, सैदनगर में 27 फीट, दोनार में 27 फीट 2 इंच और अल्लपट्‌टी में 27 फीट 4 इंच दर्ज किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है। घनश्यामपुर में जलस्तर 12 फीट 2 इंच, किरतपुर में 13 फीट 2 इंच, बिरौल में 14 फीट 2 इंच, अलीनगर और तारडीह में 17 फीट 11 इंच, हायाघाट और गौड़ाबौराम में 19 फीट 2 इंच तक पहुंच गया है।

मोहल्ला जलस्तर सुंदरपुर 28 फीट 11 इंच बेला ब्रह्मस्थान 27 फीट 2 इंच रूहेलागंज 21 फीट 2 इंच सैदनगर 27 फीट दोनार 27 फीट 2 इंच अल्लपट्‌टी 27 फीट 4 इंच

बेलवागंज वार्ड-42 में कब्रिस्तान के पास 15 घरों में पानी की भारी किल्लत है। मोहम्मद यूसुफ साह, जहाना खातून, नूरजहां, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद नसीम ने बताया कि नल जल का पानी नहीं पहुंचा है। टैंकर से दिन में एक बार पानी आता है, कई बार वह भी नहीं आता। रमजान भर पास के मंदिर से पानी लाना पड़ा। मोहम्मद नफीस, नजराना खातून, मुन्नी खातून, मोहम्मद नसीर ने बताया कि इंडिया मार्का चापाकल भी नहीं लगाया गया है।

पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता आदित्य शंकर ने बताया कि लोगों की शिकायत पर खराब चापाकलों की मरम्मत की जा रही है। पानी के लीकेज को भी ठीक किया जा रहा है। जिससे लोगों की समस्या कम होग।

पर्यावरणविद प्रो. विद्यानाथ झा ने कहा कि जहां पानी की बर्बादी हो रही है, वहां सोख्ता बनाया जाए। पानी को रिसाइकिल कर अन्य कार्यों में इस्तेमाल किया जाए। नदी और तालाबों से गाद हटाई जाए, ताकि जलस्तर बना रहे। जल ही जीवन है।

 

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