मधुबनी जिले में लगभग चार हजार से अधिक अवकाश प्राप्त बैंक अधिकारी और कर्मियों की पेंशन में पिछले 30 वर्षों से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को।
रिटायर्ड बैंककर्मियों की पेंशन बढ़े व बीमा हो मुफ्त मधुबनी । जिले में तमाम बैंकों से अवकाश प्राप्त कर चुके अधिकारी और कर्मियों की अच्छी-खासी संख्या हैं। अनुमान के अनुसार करीब चार हजार से अधिक बैंक अधिकारी और कर्मचारी अवकाश ग्रहण कर पेंशन सेवा का लाभ ले रहेे हैं। अवकाश प्राप्त बैंककर्मियों की पीड़ा है कि बीते करीब 30 वर्षों से उनकी पेंशन में बढ़ोतरी नहीं हुई है। पेंशन बढ़ोतरी की मांग अब भी लंबित है। यूनाइटेड फोरम ऑफ रिटायरीज बैंक यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनलोगों को कई स्तरों पर चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है।
यूनियन के अध्यक्ष अवधेश प्रसाद और सचिव रमाशंकर प्रसाद ने बताया कि जितने भी विभाग के अधिकारी और कर्मी अवकाश ग्रहण करते हैं, उनको अच्छी पेंशन मिलती है। समय-समय पर इसमें काफी बढ़ोतरी मिलती है। इसके विपरीत बैंकिंग सेवा से अवकाश प्राप्त अधिकारी और कर्मियों को जो पहली बार पेंशन की राशि फिक्स होती है, उसमें बढ़ोतरी नहीं हो रही हैै। आलम यह है कि हाल में बैंक की नौकरी से अवकाश प्राप्त करने के बाद चतुर्थवर्गीय कर्मी को जो पेंशन की राशि निर्धारित होती है, दो दशक पूर्व बैंक के ऊंचे पदों से अवकाश ग्रहण करने वाले पदाधिकारियों से कई गुना अधिक होती है।
अन्य सेवाओं से अवकाश ग्रहण करने वाले अधिकारी और कर्मियों की पेंशन की राशि में काफी अच्छी बढ़ोतरी होती है। इस विरोधाभास से उनलोगों को काफी नुकसान होता है। वर्किंग स्टॉफ की तरह नहीं मिलता महंगाई भत्ता: पूर्व बैंक अधिकारी चंद्र मोहन कुमार, किशोर कुमार, कल्लर महतो आदि का कहना है कि पूर्व बैंक कर्मियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता वर्किंग स्टॉफ से कम मिलता है। पूर्व कर्मियों का स्लैब घटाकर पेंशनर को महंगाई भत्ता मिलता है। उनलोगों का कहना है कि उन्हें भी महंगाई भत्ता वर्किंग स्टॉफ की तरह मिले तो उनकी बेहतरी होगी।
पूर्व बैंक अधिकारी बीएस व्रजेश ने बताया कि उनलागों को चिकित्सा भत्ता भी मिलना चाहिए। इसके अलावा हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम की राशि से पूर्व बैंक कर्मियों को छूट मिलनी चाहिए। अगर पूर्व बैंक कर्मियों से लिये जानेवाले प्रीमियम की राशि की माफी हो जाती तो काफी सहूलियत होती। स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में सुधार की जरूरत: अवकाश प्राप्त इंडियन बैंक के पूर्व सीएम शशि शेखर पाण्डेय ने कहा कि ऑल इंडिया बैंक रीटाइरीज फेडरेशन देश के सभी बैंक पेंशनर का राष्ट्रीय संगठन है। इस शीर्ष संगठन से राष्ट्रीयकृत, प्राइवेट एवं ग्रामीण बैंकों के संगठन जुड़े हुए हैं।
देश भर में संगठन में तीन लाख से अधिक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी सदस्य हैं । फेडरेशन बैंक रीटाइरीज और पेंशनर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करता है। फिलहाल 30 साल से पेंशन अपडेशन बैंक रीटाइरीज की सबसे पुरानी मांग है। संगठन के अन्य प्रमुख मांगों में स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में सुधार और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी से पूर्ण छूट की मांग भी शामिल है। विशेष भत्ते को पेंशन गणना में शामिल करने की मांग भी लंबे समय से लंबित हैं ।
सरकार के स्तर से इस मांग को तत्काल पूरा किया जाना चाहिए। रेलवे में भी भी मिले आरक्षण : पूर्व बैंक कर्मी मो. मजहर आलम, एए जिलानी, संतोष वर्मा, केएम सिंह और प्रवीण झा ने बताया कि रेलवे व हवाई यात्रा में भी बैंक के पूर्व अधिकारी और कर्मियों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। कोविड काल से पूर्व इसका लाभ सभी वरिष्ठ नागरिकों को मिलता था, मगर बीते चार-पांच वर्षों में इससे वंचित कर दिया गया।
15 के बदले 10 वर्षों में खत्म हो कम्यूटेशन पेंशन अवकाश प्राप्त इंडियन बैंक पूर्व सीएम शशि शेखर पाण्डेय ने कहा कि पेंशन कम्यूटेशन के रीस्टोरेशन को 15 साल से घटाकर 10 साल में खत्म करने की भी एक प्रमुख मांग है। इसको लेकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं देश के कई उच्च न्यायालयों में बैंक रीटाइरीज का केस चल रहा है। साथ ही, इन मांगोंं को लेकर संगठन आईबीए एवं वित्त मंत्रालय से सम्पर्क में है। संसद में भी सांसदों द्वारा इस पर चर्चा होती रही है।
सरकार द्वारा यदा कदा इसके लिए सार्थक संकेत दिये जाते रहे हैं किन्तु अभी भी कोई ठोस परिणाम नहीं आ पाया है। अगर इस दिशा में पहल हो जाती है तो पूर्व बैंक कर्मियों को काफी सहूलियत होगी। लंबे समय से इस मांग को लेकर जारी बैंककर्मियों का संघर्ष भी कम हो जाएगा। पूर्व बैंककर्मियों को नहीं लगे इनकम टैक्स यूनाइटेड फोरम ऑफ रिटायरीज बैंक यूनियन के विपिन चंद्र मिश्र व संतोष कुमार वर्मा ने कहा कि बैंक सेवा से अवकाश ग्रहण कर चुके पदाधिकारियों को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर कर देना चाहिए।
कई पूर्व बैंक कर्मियों ने बताया कि जिस तरह सांसद, विधायक और मंत्रियों को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है, अवकाश प्राप्त बैंक अधिकारियों को व कर्मियों को भी बाहर रखने की जरूरत है। जैसे-जैसे पेंशनरों की उम्र बढ़ती है उनकी मेडिकल और अन्य खर्चे भी अधिक हो जाते हैं। ऐसे में पेंशनरों का स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम माफ होना चाहिए। बोले जिम्मेवार अवकाश प्राप्त बैंक अधिकारी और कर्मियों की पेंशन से संबंधित समस्याओं को हल करने की दिशा में पहल करेंगे।
पेंशनरों की मांगों को लेकर उचित मंच पर आवाज उठाएंगे। जो भी विधि सम्मत बातें होंगी उसपर बैंक रिटायरीज यूनियन से बात कर उसे सुलझाने का पूर्ण प्रयास करेंगे। रेलवे में पूर्व बैंक कर्मियों के आरक्षण से संबंधित मांगों को लेकर उनकी बात सक्षम पदाधिकारियों तक पहुंचाएंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ रिटायरीज बैंक यूनियन के पदाधिकारी मिलकर अपनी समस्या साझा करें। मैं व्यक्तिगत रूप से उनकी मांगों को लेकर सार्थक पहल करेंगे। -रामप्रीत मंडल, सांसद, झंझारपुर लोकसभा।




