मधुबनी : हिंदी का औचित्य आधुनिक समय में भी बना रहे, इस दिशा में हमें लगातार कार्य करना होगा
शनिवार को हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी विकास परिषद एवं जिला राज भाषा कोषांग के तत्वावधान में विकास भवन के सभागार में हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि डीएम अरविन्द कुमार वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान डीएम ने हिन्दी दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि आज हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे बड़ी भाषा के रूप में स्थापित है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में हिन्दी की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। हिन्दी राष्ट्र भाषा ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की संस्कृति की संवाहक भी है। भाषा का औचित्य आधुनिक समय में भी बना रहे, इस दिशा में हमें लगातार कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज हिन्दी दिवस पर हिन्दी को सरोकार, रोजगार एवं ज्ञान की भाषा बनाने का संकल्प हमें लेना चाहिए। उप विकास आयुक्त दीपेश कुमार ने कहा कि आज का दिन भारत की आधिकािरक भाषा के रूप में हिन्दी को अपनाने का प्रतीक है जो 14 सितंबर को संविधान सभा की ओर से लिया गया निर्णय था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजेश कुमार पाण्डेय ने सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज का दिन भाषा का विकास एवं प्रगति का संकल्प का दिन है। उन्होंने कहा कि हिन्दी हिन्दुस्तान का संस्कार है। डीएम द्वारा प्रसिद्ध साहित्यकार ज्योति रंजन झा व मिथलेश सिंह को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. नरेन्द्र नारायण सिंह निराला, आनंद मोहन झा, संजीव कुमार सहित कई अन्य ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन उदय जायसवाल ने किया। इस कार्यक्रम में उपविकास आयुक्त दीपेश कुमार, अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार, अपर समाहर्ता नीरज कुमार, परिमल कुमार, वरीय उप समाहर्ता शिश कुमार सहित कई अधिकारी व जिले के कई साहित्यकार मौजूद रहे।
