मोतिहारी की बड़ी चावल कंपनी रिपुराज एग्रो प्राइवेट लिमिटेड पर आयकर विभाग ने शुक्रवार को फिल्मी अंदाज में छापेमारी की।आयकर की टीम कंपनी में छापेमारी करने के लिए बाराती बनकर पहुंची थी। किसी को शक न हो इसलिए गाड़ियों पर अविनाश संग नेहा” शादी का पंपलेट चिपका दिया। जैसे ही टीम राइस के अंदर पहुंची, पूरे परिसर को घेरकर जांच शुरू कर दी।आयकर विभाग की यह कार्रवाई रक्सौल, मोतिहारी, पटना और दिल्ली समेत सात ठिकानों पर हुई है। 300 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी, और SSB के जवान भी इस छापेमारी में शामिल थे। छापेमारी देर रात तक जारी रही। कंपनी के ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है।
शक न हो इसलिए टीम ने अपनी गाड़ी पर अभिनाश संग नेहा की शादी का पंपलेट चिपका दिया।
शक न हो इसलिए टीम ने अपनी गाड़ी पर अभिनाश संग नेहा की शादी का पंपलेट चिपका दिया।
7 ठिकानों पर की रेड
आयकर विभाग को जानकारी मिली थी कि समूह टैक्स चोरी में लिप्त है। विभाग ने रक्सौल, मोतिहारी, पटना और दिल्ली समेत सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी में 150 आयकर अधिकारी और 70 अर्धसैनिक बल के जवान शामिल थे।
शुरुआती जांच में कंपनी की संपत्ति और निवेश उनके आयकर रिटर्न से मेल नहीं खा रहे हैं। आयकर विभाग की साइबर फोरेंसिक टीम समूह के कंप्यूटर, मोबाइल और ईमेल की जांच कर रही है। भारी मात्रा में नकदी और कीमती सामान बरामद हुए हैं।
आयकर विभाग की साइबर फोरेंसिक टीम समूह के कंप्यूटर, मोबाइल और ईमेल की जांच कर रही है।
आयकर विभाग की साइबर फोरेंसिक टीम समूह के कंप्यूटर, मोबाइल और ईमेल की जांच कर रही है।
विदेशों तक पहुंच है रिपुराज ग्रुप की
रिपुराज ग्रुप उत्तर बिहार, दूसरे राज्यों और कुछ पड़ोसी देशों में चावल का कारोबार करती है। ये कंपनी मिलिंग और गैर-बासमती चावल का नेपाल, बांग्लादेश और सऊदी अरब जैसे देशों में निर्यात करती है। ग्रुप का नेतृत्व रामेश्वर प्रसाद गुप्ता और उनके बेटे रिपु रमन एवं रिषु रमन करते हैं।
2010-11 में स्थापित इस कंपनी की पहली चावल मिल 2012 में शुरू हुई थी। इसके बाद 2018 और 2023 में नई मिलों के साथ कारोबार का विस्तार किया गया। आज यह समूह 1100 करोड़ रुपए के कारोबार वाला ब्रांड बन चुका है।
अन्य कंपनियां भी जांच के दायरे में
रिपुराज एग्रो के अलावा गुप्ता परिवार की अन्य कंपनियां, जैसे डिग्गा फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, एम.आर. फूड्स, राधिका एंटरप्राइजेज और त्रिकाल ब्रदर्स भी जांच के घेरे में हैं। आयकर विभाग समूह की संपत्ति और विदेशी व्यापार पर गहराई से नजर बनाए हुए है।