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बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सार्थक प्रतिवेदन भेजने का निर्देश

दरभंगा, 14 मई 2026 :-अपर समाहर्ता लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत आमजनों द्वारा दायर परिवादों एवं अपीलवादों का निर्धारित अवधि में सार्थक निराकरण किया जाता है। इस अधिनियम के द्वारा प्रतिवादी के समस्याओं का निःशुल्क समाधान किया जाता है। दोनों पक्ष अधिकारियों के समक्ष बैठकर अपने-अपने तर्कों को रखते हैं। अधिनियम के अंतर्गत दायर मामलों के निष्पादन हेतु 60 कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है कि सभी संबंधित लोक प्राधिकार निर्धारित समयावधि में परिवादों एवं अपीलवादों पर अग्रेतर कार्रवाई करते हुए सुनवाई के अवसर पर पूर्ण एवं तथ्यात्मक प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं, ताकि मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।

 

उन्होंने बताया कि सुनवाई के क्रम में यह देखा जा रहा है कि कई मामलों में लोक प्राधिकार स्वयं उपस्थित नहीं होते हैं तथा अपने न्यूनतम स्तर के प्रतिनिधि को बिना समुचित प्रतिवेदन के सुनवाई में भेज देते हैं।

 

उल्लेखनीय है कि जिला पदाधिकारी, दरभंगा द्वारा जिला स्तरीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक में सभी लोक प्राधिकारों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनवाई की प्रथम तिथि में ही समुचित प्रतिवेदन के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करें।

साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि द्वितीय तिथि से मामलों में विलंब की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित लोक प्राधिकार पर 500 रुपये अर्थदंड अधिरोपित करते हुए अगली तिथि निर्धारित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि “लोक प्राधिकार सुनवाई में स्वयं उपस्थित हों। यदि अपरिहार्य कारणवश स्वयं उपस्थित होना संभव न हो, तो अपने ऐसे अधीनस्थ पदाधिकारी को प्राधिकृत करें जो परिवाद के विषयवस्तु से भलीभांति अवगत हो तथा सक्षम रूप से पक्ष प्रस्तुत कर सके।

सभी लोक प्राधिकारों को निर्देश दिया गया है कि वे बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दायर परिवादों एवं अपीलवादों की सुनवाई में विभागीय निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।

यदि किसी अपरिहार्य कारण या विशेष परिस्थिति में स्वयं उपस्थित होना संभव न हो, तो प्राधिकृत प्रतिनिधि को विधिवत प्राधिकार-पत्र एवं सार्थक कार्रवाई प्रतिवेदन के साथ प्रथम तिथि में ही सुनवाई हेतु भेजना सुनिश्चित करें।

अन्यथा संबंधित लोक प्राधिकार के विरुद्ध सुनवाई की द्वितीय तिथि से 500 रुपये अर्थदंड अधिरोपित करते हुए अगली तिथि निर्धारित की जाएगी। साथ ही बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत विभागीय कार्रवाई हेतु संबंधित विभाग एवं वरीय पदाधिकारियों को अनुशंसा भी भेजी जाएगी।

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