डेंगू का फैलाव पर्यावरणीय व मानवीय गतिविधियों से होता है, रोकथाम में सभी विभागों की भागीदारी जरूरी।
डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है, यह दिन में काटता है व साफ पानी में पनपता है
बरसात शुरू होते ही डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ गया है। इसे लेकर नगर निगम कार्यालय में नगर आयुक्त सह नोडल पदाधिकारी अनिल चौधरी की अध्यक्षता में अंतरविभागीय बैठक हुई। बैठक में आईसीडीएस, शिक्षा विभाग, जीविका सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में हुई। इसमें बताया गया कि डेंगू का फैलाव पर्यावरणीय और मानवीय गतिविधियों से होता है।
रोकथाम के लिए सभी विभागों की भागीदारी जरूरी है।जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डी.एस. सिंह ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए जन सहभागिता जरूरी है। सभी विभागों को मच्छर प्रजनन स्थलों की पहचान कर लोगों को जागरूक करना होगा। दिन में मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी लगाएं। स्कूलों में डेंगू पर आधारित क्विज और ड्रॉइंग प्रतियोगिता कराएं। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि अनुमंडल अस्पतालों में रोगी कल्याण समिति से जिलाधिकारी की अनुशंसा लेकर चार फॉगिंग मशीनें खरीदी जाएं।
डॉ. सिंह ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर दिन में काटता है और साफ, स्थिर पानी में पनपता है। तेज बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, नाक-मसूढ़ों से खून आना, उल्टी के साथ रक्त स्राव और काला पखाना इसके लक्षण हैं। इन लक्षणों के साथ बुखार हो तो तुरंत सदर अस्पताल जाएं। इसमें लापरवाही नहीं बरतें।
