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11 विशेष सर्वेक्षण अमीन, एक लिपिक व दो कानूनगो की सेवा समाप्त।

राजस्व महाअभियान . हड़ताल से वापस नहीं आने पर हुई विभागीय कार्रवाई, 14 अमीन व कानूनगो लौटे, शेष को भी अल्टीमेटम।

राजस्व महाअभियान के बीच हड़ताल से नहीं लौटने वाले विशेष सर्वेक्षण अमीन, कानूनगो पर विभाग लगाम कसना शुरू कर दिया है। जिले के 11 विशेष सर्वेक्षण अमीन, 2 कानूनगो व एक लिपिक की सेवा समाप्त कर दी गई है। जबकि 14 लोग हड़ताल से वापस आ गए हैं।

यह जानकारी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी सुधांशु शेखर ने दी। उन्होंने बताया कि बंदोबस्त कार्यालय के अंतर्गत जिले में विशेष सर्वेक्षण अमीन, कानूनगो पदाधिकारी, लिपिक, एएसओ सहित कुल 160 बंदोबस्त कर्मी कार्यरत हैं। जिसमें से 154 लोग हड़ताल पर गए थे। लेकिन 14 लोग हड़ताल से वापस आ गए हैं।

 

वहीं हड़ताल से वापस नहीं आने वाले 14 कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी का कहना है यदि शेष कर्मी जल्द हड़ताल से वापस नहीं आते हैं तो उनकी भी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मालूम हो कि राजस्व महाअभियान को लेकर पंचायत व शहरी क्षेत्रों में युद्धस्तर पर जमीन मालिकों के बीच जमाबंदी की कॉपी बांटी जा रही है।

 

महाअभियान में डीएम स्तर से बनाई गई टीम रोज लोगों के घर पहुंच कर जमाबंदी की कॉपी उपलब्ध करवा रहे हैं। ताकि निर्धारित तिथि को शिविर में पहुंच कर अपने कागजात जमा करा सके और त्रुटियों को सुधरवा सकें। दरअसल, भूमि सुधार विभाग के राज्यव्यापी राजस्व महाअभियान अंतर्गत जिले के पंचायत और गांव में जमाबंदी पंजी वितरण का कार्य तेजी से जारी है। जमाबंदी पंजी, पंपलेट एवं प्रपत्र वितरित किए जा रहे हैं। डीएम अनिल कुमार लगातार इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

 

उनका कहना है कि 16 अगस्त से 20 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान मुख्य उद्देश्य है कि जमीन संबंधी दस्तावेजों का त्रुटि सुधार, नामांतरण, बंटवारा नामांतरण, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन कराना, वह भी घर-घर जाकर सीधे जनता तक सुविधा पहुंचाना है। उन्होंने जिले वासियों से अपील है की भूमि संबंधी कागजात में किसी भी प्रकार की त्रुटि है तो इस अभियान का लाभ अवश्य उठाएं। प्रत्येक हल्का क्षेत्र में सात दिनों के अंतराल पर दो शिविर आयोजित किया जा रहा है। जहां सभी आवेदन स्वीकार और निस्तारित किए जाएंगे।

डीएम की निगरानी में चल रहा राजस्व महाअभियान शिविर।

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