चन्द्रदेव साह उर्फ संत जी ने बताया कि पहले घर चलाने के लिए दूसरे के यहां मजदूरी करते थे. और मेरा बेटा दिल्ली जाकर फैक्ट्री में काम कर रहा था. लेकिन अब हम खुद के बिजनेस से लाखों रुपए कमाते है.
छपरा. छपरा में उद्यमी योजना काफी कारगर साबित हो रही है. जिले में दर्जनों लोग उद्यमी योजना से लोन लेकर उद्योग शुरू कर रहे है, जिससे लोगों को रोजगार भी मिला है. जो लोग दिल्ली पंजाब हरियाणा मुंबई जैसे शहरों में काम करने के लिए जाते थे. वैसे लोग अब छपरा में ही उद्योग लगाकर अच्छा कमाई कर रहे हैं.उन्हीं में से एक हैं मांझी प्रखंड के घोरहट गांव निवासी चन्द्रदेव साह उर्फ संत जी जिन्होंने उद्यमी योजना से 9 लाख 35 हजार लोन लेकर आटा मिल लगाए हैं. जिसमें आटा,चोकर, सत्तू, बेसन इत्यादि तैयार करते हैं.
सबसे खास बात यह है कि उनके यहां जो प्रोडक्ट तैयार होता है. जिसका क्वालिटी काफी अच्छा होता है. यही कारण है कि मिल से ही लोग खरीद कर अपने यहां बेचने के लिए ले जाते हैं. उनके पास थोड़ा सा भी माल नहीं बचता है. हालांकि दुकानदारों को आर्डर करके माल तैयार करवाना पड़ता है तब मिलता है. छपरा जिले के हर बाजार में उनके यहां से दुकानदार और आम जनता खरीद करले जाते हैं.इनका मिल इतना चलता है कि चार लोगों को रोजगार भी दिए हैं. जो लोग आटा सत्तू चोकर जैसे मेटेरियल तैयार करते हैं. और जो पैसा मिलता है उसे अपने घर का खर्च चलते हैं.
45 लाख से अधिक की हो रही कमाई
पहले चन्द्रदेव साह उर्फ संत जी और उनके लड़के बेरोजगार थे. दूसरे शहर में जाकर फैक्ट्री में काम करते थे. या किसी के यहां मजदूरी करते थे. और उसी पैसा से घर चला था. लेकिन अब लोन लेकर अपना उद्योग किए हैं. जिससे खर्च काट कर साल में 45 लाख से अधिक का कमाई हो रही है. चन्द्रदेव साह उर्फ संत जी ने बताया कि पहले घर चलाने के लिए दूसरे के यहां मजदूरी करते थे. और मेरा बेटा दिल्ली जाकर फैक्ट्री में काम कर रहा था.
चार लोगों को दिया रोजगार
फिर एक दिन पेपर पढ़ रहे थे तो उद्यमी योजना के संबंध में जानकारी मिल, उसके बाद ऑनलाइन फॉर्म भरा तो मुझे लोन मिल, जिस लोन से आटा मिल लगाया हूं.बताया कि आटा, सत्तू, बेसन, चोकर तैयार करता हूं. जिसमें परिवार के सभी सदस्य काम करते हैं. इसके अलावा चार लोगों को रोजगार भी दिया हूं. बताया कि मिल पर से ही लोग खरीद लेते हैं. कहा कि मेरा सभी मटेरियल अच्छा रहता है. जिसके वजह से जिले के सभी बाजार के लोग मेरे यहां से खरीद कर ले जाते हैं.




