बिहार में बाढ़ हर साल कहर मचाती है. खासकर कोसी क्षेत्र के लोग काफी परेशान होते हैं. हालांकि अभी बांध टूटने की खबर तो नहीं है लेकिन नदी में जलस्तर बढ़ने से तटबंध के अंदर और आसपास के गावों में पानी घुस गया है. लोग घर छोड़कर ऊंची जगह शरण ले रहे हैं.
“कोसी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के साथ ही घरों में पानी चला आया. घर में रखे अनाज सहित अन्य सामग्री बर्बाद हो गया. आवागमन बाधित हो गया है. बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है. प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था नहीं की गयी है.”
‘नाव की व्यवस्था नहीं’: नवहट्टा की रही रहने वाली राधा देवी की मानें तो कोसी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने से घर आंगन में पानी आ गया है. घरों में रखा अनाज सहित अन्य सामन बर्बाद हो गया. सड़कों पर पानी आ जाने से आवागमन प्रभावित हो गया है. राधा देवी ने बताया कि नाव की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. अभी घर में पानी घुसा है. आगे और जलस्तर में बढ़ोतरी होगी.
पीड़ितों ने की मदद की मांगः पीड़िता इंदु देवी और त्रिफल देवी की मानें तो अचानक पानी बढ़ने से तटबन्ध के अंदर घर घर मे पानी चला गया है. लोगों की परेशानी बढ़ गई है. उन्होंने प्रशासन पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नाव की कमी को पूरा करने और सरकारी मदद शीघ्र उपलब्ध करवाने की मांग की है. कहा कि प्रशासन हमलोगों की मदद करे नहीं तो खाने-पीने की समस्या हो जाएगी.
प्रशासन पूरी तरह तैयारः जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर वापस लौटी अंचलाधिकारी मोनी बहन की मानें तो कोसी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में कोसी का पानी फैल चुका है. स्थिति अभी सामान्य है लेकिन जलस्तर बढ़ने से समस्या बढ़ सकती है. प्रशासन संभावित आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
“बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरा तरह तैयार है. कोसी में पानी बढ़ने से कुछ इलाकों में पानी घुसा है जिसका जायजा लिया गया है. जरूरत के अनुसार सुविधा मुहैया कराया जा रहा है. नाव की व्यवस्था की गयी है.”
लगातार बढ़ रहा जलस्तरः कोसी में लगातार जलस्तर की वृद्धि हो रही है. रविवार को बीरपुर बराज से कोसी में 3 लाख 93 हजार 715 क्सूसेक पानी थी लेकिन इसके बढ़ने की संभावना है. नवहट्टा प्रखंड की कैदली और हाटी पंचायत के साथ साथ कई गांवों में पानी घुस गया है. नदी में कटाव तेज होने के कारण हर घंटे 4 फीट से अधिक जमीन कट रही है.




