जलावन व निर्माण कार्य होने से भी प्रदूषण इसके अलावा इलाकों में जलाये जा रहे जलावन व निर्माण कार्य होने से भी हवा प्रदूषित हो रही है. इस रिपोर्ट में गर्मियों में चलने वाली लू और वज्रपात को भी बिहार के क्लाइमेट में बदलाव का बड़ा हिस्सा माना गया. विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु बदलाव की वजह से यह और खतरनाक हो गया है. वायु प्रदूषण में इसका योगदान 23 फीसदी है. बिहार की सूखी जलोढ़ मिट्टी भी वायु प्रदूषण का बड़ा स्रोत गंगा व कोसी नदी किनारे बसे शहरों में हल्की-सी भी तेज हवा चलती है, तो धूलकण का गुब्बार उठाता है, जो शहर में बसे मुहल्लों में घुस कर इलाके को प्रदूषित बनाता है. इसके अलावा दिन-प्रतिदिन बढ़ रही गाड़ियों की संख्या और अनियोजित कारखाने भी हवा को प्रदूषित कर रहे हैं. प्रदूषण बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में प्रदूषण एक भूगौलिक समस्या है, जिस पर लगाम भी हम बिहारवासियों को ही लगानी होगी.