बिहार में बीजेपी नेताओं ने की 56 सभाएं, मोदी-शाह की टीम के सामने राहुल-खरगे का प्रचार रहा पस्त। बिहार में लोकसभा चुनाव के सात चरण के दौरान चुनाव प्रचार में भारतीय जनता पार्टी की टॉप लीडरशिप ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के मुकाबले 6 गुना ज्यादा सभा और रैलियां की। गठबंधन के दूसरे दलों के कैंडिडेट के प्रचार में कांग्रेस का रिकॉर्ड और भी खराब है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह के अलावा बीजेपी के बड़े नेताओं ने बिहार में 56 सभाएं की जिसमें 22 सभा तो सहयोगी दल जेडीयू, हम, लोजपा और रालोमो के लिए आयोजित हुए। जबकि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने 9 सभाओं में मात्र 2 सभा सहयोगी आरजेडी और सीपीआई-माले के लिए की। इंडिया अलायंस में गठबंधन धर्म-कर्म निभाने का जिम्मा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के कंधे पर रहा। राहुल गांधी ने भागलपुर में एक रैली 20 अप्रैल को कांग्रेस के लिए की और फिर दूसरी बार 27 मई को तीन रैलियां करने आए। राहुल ने दूसरे बिहार दौरे में पटना साहिब में कांग्रेस, पाटलिपुत्र में आरजेडी और आरा में सीपीआई-माले के लिए वोट मांगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तीन बार आए और सिर्फ कांग्रेस की सीट किशनगंज, कटिहार, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और सासाराम में पांच रैलियां की। कांग्रेस के लिए देश भर में घूम रहीं प्रियंका गांधी बिहार नहीं आईं। तेजस्वी और मुकेश सहनी ही मुख्य रूप से इंडिया गठबंधन के सारे उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते रहे।