यात्रा का मुख्य केंद्र गया से लाए गए विशाल, आकर्षक रथ रहा। रथ पर भगवान कृष्ण और बलराम की झांकी शहरवासियों को मुग्ध करती रही।
फूलों और लाइटों से सुसज्जित रथ को कृष्ण भक्त और नगरवासियों ने रस्सी से खींच कर यात्रा को आगे बढ़ाया।
रथ यात्रा के आगे- आगे घोड़े के बग्गी में बनी राम दरबार झांकी अत्यंत मनुहारी लग रहा था।
यात्रा के साथ में कई दर्जनों की संख्या में देश व विदेश से आए भक्तों के हरिनाम संकीर्तन के धुन पर नृत्य ने यात्रा आकर्षित बनाए रखा था।
रथ यात्रा लहेरियासराय के पोलो मैदान से निकल कर टावर, हज़मा चौक, नाका 6, नाका 5, मिर्ज़ापुर, इनकम टैक्स होते हुए श्यामा माई मंदिर में समाप्त हुई।
इसके अलावा यात्रा में हरिनाम संकीर्तन के साथ, वैष्णव संतों का जगह जगह चौराहों पर भक्तों द्वारा फूल वर्षा कर स्वागत किया गया।
वहीं आगंतुकों एवं भक्तों के लिए श्यामा माई मंदिर परिसर में भोजन प्रसादम की व्यवस्था भी की गई थी।





