दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंग्रेजी विभाग और डॉ. प्रभात दास फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में रविंद्र नाथ टैगोर
स्मृति के तहत त्रि-दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मौके पर मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. ए.के. बच्चन ने कहा कि गुलाम भारत में भारतीय
साहित्य को विश्व पटल पर स्थापित करने में गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर ने अहम योगदान दिया है। उनकी अमर कृति गीतांजलि के लिए उन्हें नोवेल पुरस्कार भी मिला।
असल में गुरुदेव टैगोर ग्रेट फिलासफर और राइटर थे। जिनकी कृतियां आज भी प्रासंगिक बनी हुई है। डॉ. बच्चन ने बताया कि रविंद्र बाबू भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के भी ध्वजवाहक रहे हैं। उनकी रचनाएं स्वतंत्रता का भी शंखनाद करती है।
इस मौके पर अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू राय, प्रो. पुनीता झा आदि ने विचार रखे। अतिथियों का स्वागत अखिलेश्वर कुमार सिंह और धन्यवाद ज्ञापन फाउण्डेशन के सचिव मुकेश कुमार झा ने किया।
वहीं संचालन डॉ. संकेत कुमार झा ने किया। मौके पर विभाग के विमलेश चौधरी, शोधार्थी ज्योति कुमारी, त्रिदीप कुमार, फाउण्डेशन के अनील सिंह आदि मौजूद थे।




