बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि अप्रैल माह के अंत तक लंबित सभी बोरिंग कार्यों को हर हाल में पूर्ण कर चालू करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए आमजनों को पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसके साथ ही उन्होंने सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त संख्या में प्याऊ (जल वितरण केंद्र) स्थापित करने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने पाइपलाइन से जला आपूर्ति के कार्यों में तेजी लाने पर जोर देते हुए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जहां कहीं भी कार्य में बाधा आ रही हो, उसका प्रतिवेदन तैयार कर अविलंब उपलब्ध कराया जाए,ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
बैठक में पुराने एवं नए चापाकलों की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। *जिलाधिकारी ने सभी कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि क्षेत्रवार चापाकलों की अद्यतन सूची तैयार की जाए तथा खराब पड़े चापाकलों की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी क्षेत्र में पेयजल की कमी न हो। जिला के किसी भी प्रखंड /पंचायत /गांव टोले में पेयजल की कमी होने पर संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी*।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पेयजल आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी अभियंता एवं संवेदक पूर्व से ही आवश्यक तैयारी करें और कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें l
बैठक में बोरिंग कार्य,पाइपलाइन विस्तार,चापाकल मरम्मत एवं अन्य संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
इस अवसर पर कार्यपालक अभियंता पीएचईडी श्री उत्कर्ष भारती सहित सभी कनीय अभियंता ,संवेदक आदि उपस्थित थे।





