महाराजा कामेश्वर सिंह सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान पुस्तकालय (राज पुस्तकालय) दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की प्राध्यापक डॉ सविता झा एवं मिथिला स्टेक के फाउंडर श्री अरविंद झा देखने आये। पुस्तकालयों में संग्रहीत ग्रंथ और उसमें उपलब्ध शोध और ज्ञान की विविधता ने उन्हें काफी आकर्षित किया। इस पुस्तकालय में अपने जीवनके कुछ क्षण उपयोग करने के विषय में कही। इसकी शोध उपादेयता को देखते हुए उन्होंने कहा कि इस पुस्तकालय में शोधार्थियों की भीड़ दिखाई देनी चाहिए। आने बाले समय में उसकी प्रबल संभावना दिखती है। वही उनके साथ डिजिटल तकनीकी के विशेषज्ञ और मिथिला स्टेक के फाउंडर श्री अरविंद झा ने बताया कि यह पुस्तकालय हमें बताता है कि राज दरभंगा किस तरह से ज्ञान के प्रति संवेदनशील था। इसके संग्रह हमें उनकी इंटेलेक्चुअल होने के विषय में बेहतर ज्ञान से अवगत करवाता है। लाइब्रेरी में उपलब्ध समस्त साहित्य का मूल्य और उसके रखरखाव पूरी तरह से आर्काइवल है। इस पुस्तकालय के डिजिटल होने तथा इसके संवाद दूर तक ले जानेके प्रति गंभीर होना चाहिए। यह भविष्य में राष्ट्रीय धरोहर के रूप में माना जाएगा।
आरम्भ में पुस्तकालय निदेशक प्रो दमन कुमार झा ने दोनों का स्वागत किया। और उन्हें पुस्तकालय में रखे बहुमूल्य सामग्रीयो से अवगत कराया। इस अवसर पर डॉ संतोष कुमार झा, दिव्यांशु एवं अन्य उपस्थित थे।




