चैत्र माह में नववर्ष भी आरंभ होता है और पर्वों का महीना है यह। विभाग के जो छात्र-छात्राएं इसमें सम्मिलित हो रहे हैं उनके लिए यह सीखने का भी अवसर है। विभाग में
नवनियुक्त शिक्षक डॉ पुष्कर कुमार झा ने कहा कि यह आयोजन विभाग और हमारे विभाग के भविष्य के रूप में छात्र छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण है। विभागीय शिक्षक डॉ अभिषेक स्मिथ ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विभाग और विभागीय छात्र-छात्राओं में ऊर्जा बनी रहती है।
कार्यक्रम का आरंभ राम जन्म के भजन ‘भए प्रकट कृपाला’ से हुआ जिसे।
ऋषभ कुमार झा, चंद्रप्रकाश झा, सुमन कुमार सिंह, त्रिपुरारी कुमार, चंदन कुमार, मनोज कुमार और सुभाष कुमार ने गाया। इस भजन के बाद छठ गीत ‘ आठही काठ के कोठरिया हो दीनानाथ’ की प्रस्तुति काजल कुमारी, शिवानी कुमारी, पल्लवी झा, शान्तिप्रिया दृष्टि साक्षी, शालिनी
प्रियाशी, स्वातिकुमारी ने प्रस्तुत किया। चैती के रूप में ‘चैत मास बोले रे कोयलिया’ गीत का दामिनी कुमारी आयुषीप्रिया आकांक्षा सुंदरम स्नेहा झा और कुमारी अंजली ने मधुर गान किया।’ सूतल पिया के जगावे हो रामा’ को चिंटू कुमार,अनिकेत, लक्ष्मण, गौतम, कृष्णा, नीतीश, शिवेन्द्र इत्यादि ने सामूहिक रूप में प्रस्तुत किया। अंत में ‘अयोध्या में रामजी जनामले हो रामा’ शीर्षक चैती गीत को ममता, पूजा, शबनम, सोनी, मेनका, अनामिका इत्यादि ने गाकर राम जन्म का स्वरूप खड़ा कर दिया।
गायन के कार्यक्रमों के उपरांत विभाग की वरीय शोध-छात्रा एवं भरतनाट्यम नर्तकी सोमा मंडल ने ‘ श्रीराम चंद्र कृपालु भज मन ‘ के साथ सुन्दर नृत्य प्रस्तुति की। इस कार्यक्रम में तबला पर चंद्रमणि झा और अनिकेत, हारमोनियम पर ऋषभ कुमार झा और रीतेश कुमार, झाल पर सुमन कुमार सिंह ने संगति की।विभागाध्यक्ष प्रो लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्या’ ने धन्यवादज्ञापन किया।





