Sunday, June 21, 2026
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कुलपति ने मैथिली पुस्तक ‘ईक्षणम’ का किया लोकार्पण

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विद्यापति पीठ, स्नातकोत्तर मैथिली विभाग एवं ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में भौतिकी विभाग सभागार में प्रो अशोक कुमार मेहता की संपादित पुस्तक ‘ईक्षणम्’ का लोकार्पण शनिवार को कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी ने किया। ईक्षणम् मैथिली के वरिष्ठ साहित्यकार एवं मैथिली लोक साहित्य के ज्ञाता डाॅ. महेन्द्र नारायण राम लिखित पुस्तकों का समीक्षात्मक संग्रह है। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि साहित्य लेखन समाज को न केवल चिंतनशील बनाता है ,अपितु उसे उचित दिशा-निर्देश भी देता है। किसी साहित्यकार की पुस्तक का समीक्षावादी पाठ प्रस्तुत करना उस भाषा साहित्य के साहित्यकार, आलोचक, समीक्षक एवं समाज के जिज्ञासु प्रवृत्ति को दर्शाता हैं। कुलपति ने पुस्तक के संपादक, लेखक व आलेखकर्त्ताओं के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त की। विद्यापति पीठ के संरक्षक डाॅ. भीमनाथ झा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह डाॅ. राम अपनी मिट्टी एवं लोक केन्द्रित साहित्यिक सर्जना में सृजनरत है, वह अत्यन्त प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है। समकालीन परिदृश्य में यह मैथिली लोक साहित्य के महत्त्वपूर्ण प्रस्तोता हैं। स्वागत वक्तव्य देते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. दमन कुमार झा ने विद्यापति पीठ एवं विश्वविद्यालय मैथिली विभाग में हो रहे निरंतर साहित्यिक गतिविधि एवं उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने इस पुस्तक की महत्ता को भी रेखांकित किया। मुख्य वक्ता डाॅ. सत्येन्द्र कुमार झा ने कहा कि मैथिली, हिन्दी और अंग्रेजी भाषाओं में लिखित इस लोकार्पित पोथी में कुल उनचास आलेख संकलित हैं । प्रो झा ने बड़ी बारिकी से इस पुस्तक में समीक्षित आलेखों पर विचार करते हुए कहा कि संकलित आलेख पुस्तक के नामकरण ‘ईक्षणम्’ को सार्थकता प्रदान करती है। कुछ मामूली त्रुटियों को नजरअंदाज करें तो यह साहित्यानुरागी, साहित्य प्रेमी, शोधार्थी, छात्र-छात्रा एवं सामान्य पाठक सभी के लिए अत्यन्त योगी सिद्ध होगी। सम्पादकीय उद्बोधन में अशोक कुमार मेहता ने कहा कि सम्पादन कला अत्यन्त दुरुह कार्य है। सम्पादकीय दायित्व के निर्वहन के क्रम में आई कठिनाइयों को भी उन्होंने रेखांकित किया।
डाॅ. महेन्द्र नारायण राम इस मांगलिक अवसर पर अपने जीवन-संघर्ष एवं साहित्यिक यात्रा को भावुक पलों की स्मृति से सिंचित किया। उन्होंने संपादक के अलावा सभी आलेख कर्त्ताओं के प्रति भी आभार व्यक्त किया। विद्यापति सेवा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डाॅ. बुचरू पासवान एवं विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डाॅ. वैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’ ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने डाॅ. राम की साहित्यिक अवदान को गिनाते हुए उनकी साहित्यिक प्रगाढता के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त की। इस कार्यक्रम प्रो . रमेश झा, प्रो . विद्यानाथ झा, प्रो नौशाद आलम, प्रो अरुण कुमार सिंह, प्रो सुरेन्द्र कुमार, डॉ दीपक कुमार, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ शांभवी, डॉ तनीमा, डॉ रागिनी रंजन, डॉ सुनीता झा, डाॅ. सुरेन्द्र भारद्वाज, डॉ अमलेन्दु शेखर पाठक, डॉ योगानंद झा, वैद्य गणपति मिश्र, डाॅ. शंकरदेव झा, हीरेन्द्र कुमार झा, हरिश्चन्द्र झा ‘हरित’, डाॅ. मित्रनाथ झा समेत दर्जनों साहित्य प्रेमी, शिक्षक, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं। मंच संचालन डाॅ. सुरेश पासवान एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. अभिलाषा कुमारी ने किया।

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