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दरभंगा में मरीज की मौत के बाद पत्थरबाजी:परिजन ने 5 घंटे तक रोड जाम किया, अस्पताल परिसर में तोड़फोड़।

दरभंगा के जाले थाना क्षेत्र के नगर परिषद वार्ड संख्या-13 निवासी मो. कयुम के 42 वर्षीय बेटे मो. गन्नी की मौत इलाज के दौरान हो गई। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोगों ने जमकर बवाल काटा। जाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तोड़फोड़ की गई, वहीं परिजनों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पथराव भी किया। बीती रात करीब 10:30 बजे मो. गन्नी को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजन आनन-फानन में उन्हें जाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।

 

हॉस्पिटल प्रभारी डॉ. विवेकानंद झा ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने मरीज का इलाज शुरू किया। डॉक्टर के अनुसार, मरीज को दिल का दौरा पड़ा था। वह बाएं सीने में तेज दर्द की शिकायत कर रहे थे और उनका पूरा शरीर पसीने से तरबतर था। तत्काल दवा दी गई, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। गंभीर स्थिति को देखते हुए मरीज को दरभंगा डीएमसीएच रेफर कर दिया गया। अस्पताल की एम्बुलेंस से उन्हें भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। अस्पताल परिसर में पुलिस मौजूद।

 

अस्पताल परिसर में पुलिस मौजूद। डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग सोमवार को मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा और तोड़फोड़ शुरू कर दी। अस्पताल के अंदर पथराव भी किया गया।

 

इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जाले-जोगियारा मार्ग को जाले थाना के समीप टायर जलाकर और बांस-बल्ले बांधकर जाम कर दिया। गुस्साए परिजन ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की लापरवाही से गन्नी की मौत हुई है। उनका कहना है कि जब तक दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं होगी और पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक सड़क जाम जारी रहेगा। 5 घंटा सड़क जाम रहा। मृतक मो. गन्नी के पीछे 7 बच्चे (5 बेटियां और 2 बेटे) हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है। मृतक की बेटी ने भावुक होकर कहा कि “मेरे पापा को डॉक्टर ने मार दिया है। मुझे इंसाफ चाहिए।” परिजन ने सड़क जाम किया।

 

परिजन ने सड़क जाम किया। अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ मामले की जानकारी मिलते ही जाले थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने उनकी एक नहीं सुनी। बाद में जाले अंचलाधिकारी भी पहुंचे, मगर भीड़ पर कोई असर नहीं पड़ा। स्थिति बिगड़ते देख सदर एसडीपीओ टू कमतौल शुभेन्द्र कुमार सुमन खुद मोर्चा संभालने पहुंचे। बावजूद इसके आक्रोशित भीड़ जाम हटाने को तैयार नहीं हुई। काफी समझाने के बाद जाम हटाया जा सका। इसी बीच कुछ उपद्रवी तत्वों ने अस्पताल परिसर में फिर से पथराव और तोड़फोड़ कर माहौल और तनावपूर्ण बना दिया। जाले थाना पर बैठक करते हुए।

 

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