कोसी नदी का कहर शुरू, महिषी स्थित बाबा कारू खिरहर मंदिर के घाट की सीढ़ियां ध्वस्त।
सहरसा। कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही अब इसका प्रभाव तटवर्ती इलाकों में दिखने लगा है। सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित प्रसिद्ध बाबा कारू खिरहर मंदिर परिसर में हाल ही में निर्मित सीढ़ी घाट का बड़ा हिस्सा नदी के कटाव के चलते ध्वस्त हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोसी परियोजना के तहत लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से मंदिर परिसर को नदी के कटाव से बचाने के उद्देश्य से सीढ़ी घाट का निर्माण कराया गया था। लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ते ही घाट की सीढ़ियां कई स्थानों पर टूटकर ध्वस्त हो गईं।
मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए सीढ़ी घाट का निर्माण कराया गया था, लेकिन इसके निर्माण में भारी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण घाट का यह हिस्सा बनने के कुछ समय बाद ही टूट गया।
स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में मंदिर को भी कटाव से खतरा हो सकता है।
फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की जा रही है और उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है। ग्रामीणों ने शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग की है ताकि मंदिर परिसर को किसी बड़े नुकसान से बचाया जा सके।
