स्थानीय मॉडल अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के ओपीडी पंजीकरण केंद्र जाने वाले रास्ते का घिरनी गेट टूट गया है। गेट का मूवमेंट सही से नहीं हो पा रहा है। मरीज और उनके परिजन टूटे हुए गेट से होकर पंजीकरण कराने को मजबूर हैं। कई बार लोग गेट में फंस भी जाते हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल प्रबंधन मुख्य द्वार को पहले से ही बंद रखा है। अब यह छोटा गेट भी टूट गया।
ऐसे में मरीजों को दिक्कत होना स्वाभाविक है। भर्ती मरीज के परिजन शैलेश कुमार बब्बू ने बताया कि घिरनी गेट टूटने से मरीजों और परिजनों को काफी दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिलता। अगर मिल भी जाए तो मरीज को स्ट्रेचर पर ले जाने वाला कोई कर्मी नहीं रहता। मरीज को खुद स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ता है। उन्होंने इसे अस्पताल प्रशासन की लापरवाही बताया और मांग की कि घिरनी गेट को अविलंब ठीक कराया जाए।
सत्तर कटैया प्रखंड के बिजेंद्र यादव ने कहा कि घिरनी गेट टूटने से गेट राउंड नहीं करता। लोग गेट में फंस जाते हैं। इधर, सदर अस्पताल के पूरब दिशा में स्थित मेन गेट को भी अस्पताल प्रशासन ने ताला लगाकर बंद कर दिया है। इससे मरीजों और परिजनों को अस्पताल आने-जाने में भारी परेशानी होती है। हालांकि अस्पताल का दूसरा गेट खुला रहता है, लेकिन मरीजों को घूमकर जाना पड़ता है।




