मिश्र ने दरभंगा में तेजस्वी के दिए बयान पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि उनके बयानों में साफ झलकता है कि वे नौंवीं फेल हैं। वे सिर्फ हवा-हवाई और बिना सिर-पैर का अनर्गल बयानबाजी करते रहते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के विकास को रफ्तार देने के लिए जितना सक्रिय हैं और जिस तरह से भ्रमण कर विकास कार्यों का जायजा ले रहे हैं, वह अछ्वुत और प्रेरणादायक है। लेकिन, तेजस्वी को यह सब समझ में नहीं आता। उन्हें न तो भाषा का सही ज्ञान है और न ही शब्दों का भंडार। इसलिए उटपटांग बोलते रहते हैं, यही कारण है कि उनकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता।
“बिहार में कोई अपराधी बच नहीं सकता”
मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री को अचेत बताने वाले तेजस्वी सचेत हो जाएं, बिहार की जनता मुख्यमंत्री के लिए ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं करेगी, आपको चुनावी दंगल में इतना जोरदार पटका लगेगा कि उठकर धूल झाड़ने लायक नहीं रहेंगे। तेजस्वी की मंशा बिहार में भय और अराजकता का माहौल कायम करने की है, जो कभी पूरी नहीं होगी। बिहार में कानून राज है और आगे भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का सुशासन ही चलेगा। बिहार में कोई अपराधी बच नहीं सकता। बिहार कभी भी लालटेन युग में वापस नहीं लौटेगा।
“तेजस्वी के दिखावे का पर्दाफाश हो चुका”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि तेजस्वी के दिखावे का पर्दाफाश हो चुका है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और उसके सहयोगियों को कर्पूरी जयंती मनाने का कोई अधिकार नहीं है। लालू प्रसाद ने भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर को अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लालू-राबड़ी ने अपने शासनकाल में अतिपिछड़ों को हमेशा हाशिए पर रखा। विकास की मुख्यधारा में शामिल होने से वंचित रखा। लेकिन अब अतिपिछड़ों की समृद्धि में कोई बाधा नहीं बन सकता। केंद्र और बिहार की राजग सरकार अतिपिछड़ों को सम्मान देने और उन्हें सामर्थ्यवान बनाने के लिए कृत संकल्पित है।




