बताया जाता है कि प्रेमिका से मिलने गांव के एक खेत में प्रेमी पहुंचा था। इसकी भनक ग्रामीणों को लग गयी। लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस व पंचायत के मुखिया को देते हुए युगल प्रेमी को अपने कब्जे में ले लिया।
प्रेमिका के पिता के द्वारा किसी तरह की आपत्ति नहीं किये जाने के बाद लोगों ने गांव के ही दुर्गा स्थान में दोनों की शादी करा दी। हालांकि, प्रेमी के परिजन की रजामंदी नहीं थी। पंचायत के मुखिया रामनाथ पासवान ने बताया कि सूचना मिलने पर वे पहुंचे थे। लोगों के निर्णय के साथ थे। शादी के समय डायल 112 की पुलिस भी मौजूद थी। प्रेमी युवक की माने तो उसने भय से ही सही लेकिन जब शादी कर लिया तो जीवन भर उसे निभायेंगे। बहरहाल, खेत की मिलाप से लेकर मंदिर में रचायी गयी शादी की चर्चा चहुंओर है।




