पत्नी का कहना है कि उसके पति ने 27 दिसंबर को फोन पर सुबह में बताया था कि रात में 11:30 बजे ट्रेन है। गौतम और सोनू के साथ हम भी घर आ रहे हैं, लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं है।
जानकारी देती जितेंद्र यादव की पत्नी सुनीता देवी।
सुजीत यादव का कहना है कि गांव के ही सोनू सिंह और गौतम सिंह पूर्व से मुंबई के विक्रोली में रहकर काम करते हैं। इन्हीं दोनों ने जितेंद्र को 35 हजार की नौकरी लगवाने का झांसा देकर मुंबई बुलाया था। वहां जाने पर 22000 तनख्वाह पर ड्राइवर की नौकरी मिली। काम के दौरान ही जितेंद्र को पता चला कि उसके दोस्त 5000 उसे नौकरी लगवाने के लिए उसकी तनख्वाह से लेते हैं। इसी बात को लेकर जितेंद्र यादव, सोनू सिंह और गौतम सिंह के बीच झगड़ा शुरू हो गया। सोनू और गौतम जितेंद्र से अलग रहने लगे।
जितेंद्र ड्राइवर का काम छोड़कर दूसरे जगह वेटर का काम करने लगा। 27 दिसंबर की सुबह घर आने की जानकारी फोन पर दी। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। गौतम और सोनू तीन दिन पहले ही घर पहुंच चुके हैं।
सोनू सिंह ने बताया कि वह मुंबई के विक्रोली में ही लिफ्ट ड्राइवर का काम करता है। गांव के ही साजन सिंह को छोड़ने शराब के नशे में वह गया था, उसके बाद मेरे पास वापस नहीं आया। वह शराब पीकर अक्सर हंगामा करता था। इसलिए मैंने उसे अपने रूम से भगा दिया था। जितेंद्र हमेशा शराब के नशे में उल्टी सीधी हरकत और दुर्व्यवहार करता था। जिसकी वजह से उसकी पहली नौकरी से उसके मालिक ने उसे निकाल दिया।
वह दूसरी जगह जाकर काम करने लगा। 27 दिसंबर को गौतम के साथ मैंने मुंबई से ट्रेन पड़ी थी। उससे लगभग 10 दिनों पहले से जितेंद्र मुझे नहीं मिला न ही आने के दिन 27 दिसंबर को फोन पर बात हुई।
मब्बी थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि युवक के गायब होने की शिकायत परिजनों के द्वारा दी गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।





