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मधुबनी : बिहार के इस एयरपोर्ट पर नहीं होती सिक्योरिटी चेकिंग, रनवे पर दौड़ते हैं गाय-भैंस!

बिहार के मधुबनी में स्थित हवाई अड्डा 1982 में बना था। यहां कमर्शियल प्लेन नहीं उतरते। समाज के लोग इस जगह को गाय-भैंस बांधने और कपड़े सुखाने के लिए उपयोग करते हैं। नेताओं की रैली के समय ही यह विमान और हेलीकॉप्टर के लिए सफाई की जाती है।
मधुबनी हवाई अड्डा 1982 में बना था, लेकिन यह कमर्शियल उड़ानों के लिए उपयोग नहीं होता है स्थानीय लोग मधुबनी हवाई अड्डे का उपयोग गाय-भैंस बांधने और कपड़े सुखाने के लिए करते हैं हवाई अड्डा केवल राजनेताओं के लिए रैली के दौरान हेलीकॉप्टर उतारने के लिए उपयोग किया जाता है मधुबनी हवाई अड्डे की स्थिति देश के एयरपोर्ट सुरक्षा के दोहरे मानदंडों को उजागर करती है।
मधुबनी: भारत में कई हवाई अड्डों पर बम की धमकियों के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, लेकिन बिहार के मधुबनी हवाई अड्डे की एक अलग ही कहानी है। 1982 में बने इस हवाई अड्डे का उपयोग कमर्शियल उड़ानों के लिए नहीं होता है और स्थानीय लोग इसका उपयोग गाय-भैंस बांधने और कपड़े सुखाने जैसे रोजमर्रा के कामों के लिए करते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में हवाई अड्डे के मैदान पर जानवरों को घूमते और लोगों को कपड़े सुखाते देखा जा सकता है, जो देश में हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
हालांकि देश भर के हवाई अड्डों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, मधुबनी हवाई अड्डा सुरक्षा के लिहाज से एक अपवाद बना हुआ है। दरअसल, यह हवाई अड्डा कभी व्यावसायिक उड़ानों के लिए बनाया गया था, अब स्थानीय लोगों के लिए एक चारागाह और खुले मैदान में तब्दील हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में हवाई अड्डे पर गाय-भैंस बंधे और लोग कपड़े सुखाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा मैदान में कई जगहों पर तार बांधकर उसपर कपड़े सुखाते हुए भी देखा जा सकता है। राजनेताओं के लिए इस्तेमाल होता है हवाई अड्डा यह हवाई अड्डा केवल राजनेताओं के लिए रैली के दौरान हेलीकॉप्टर उतारने के लिए उपयोग किया जाता है।
बाकी समय, यह स्थानीय निवासियों के लिए एक खुला मैदान बन जाता है, जो इसका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए करते हैं। जब कभी किसी नेता को मधुबनी आना होता है, उस समय इस जगह की सफाई कर इसे हेलीकॉप्टर के लैंड करने लायक और रैली की सभा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अपने आप में अनोखा है यह हवाई अड्डा स्थानीय लोग इस हवाई अड्डे को पार्क की तरह इस्तेमाल करते हैं। वे यहां सुबह की सैर के लिए आते हैं, कार और स्कूटी चलाना सीखते हैं, और अपने मवेशियों को चराते हैं। इसके अलावा हवाई अड्डे पर जानवर ही बंधे नजर आते हैं। एक तरह से कहा जाए तो मधुबनी हवाई अड्डे की यह स्थिति देश में एयरपोर्ट सुरक्षा के दोहरे मानदंडों को उजागर करती है। जहां एक ओर देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर कड़ी सुरक्षा है, वहीं दूसरी ओर मधुबनी हवाई अड्डा उपेक्षा और उदासीनता का शिकार है। इस तरह का अनोखा हवाई अड्डा आपको सिर्फ और सिर्फ बिहार में ही नजर आ सकता है।

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