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आनंद मोहन सिंह की रिहाई पर तेजस्वी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- इसमें गलत क्या, सजा काटकर आ रहे।

तेजस्वी यादव ने कहा- आनंद मोहन सिंह ने अपनी पूरी सजा काटी है. जो कानूनी तरीका था उसे पालन किया इसके बाद वह रिहा हो रहे हैं तो फिर इसपर सवाल क्यों उठ रहे हैं.

आनंद मोहन सिंह की रिहाई पर तेजस्वी यादव ने चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई विवाद नहीं होनीचाहिए. आनंद मोहन सिंह कानूनी तरीके से रिहा होकर बाहर आ रहे हैं. इससे पहले उन्होंने अपनी पूरी सजा काटी है इसमें गलत क्या है. तेजस्वी यादव ने कहा कि जो कानूनी तरीका था उसे पालन किया इसके बाद वह रिहा हो रहे हैं तो फिर इसपर सवाल नहीं उठने चाहिए. इसके बाद जब मीडिया ने तेजस्वी यादव से पूछा कि बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी आनंद मोहन सिंह की रिहाई पर सवाल उठा रहे हैं तब तेजस्वी यादव ने कहा कि सुशील मोदी पहले उन्हें रिहा करने की मांग कर रहे थे.

दरअसल आनंद मोहन सिंह G कृष्णैया हत्याकांड में उम्रकैद की सजापूरी करने के बाद भी रिहा नहीं हो सके थे. क्योंकि बिहार में लोकसेवक की हत्या सामान्य हत्या नहीं अपवाद श्रेणी में था. नीतीश कुमार ने इसमें बदलाव कर इसे सामान्य हत्या बता दिया है. इसके बाद आनंद मोहन सिंह की रिहाई का रास्ता निकला. 24 अप्रैल को सरकार ने उन्हें रिहा करने के लिए अधिसूचना भी जारी कर दिया है. आनंद मोहन सिंह के साथ 26 और कैदियों को आजादी मिल रही है.

आनंद मोहन सिंह की रिहाई के लिए जब कानून में बदलाव किया गया था तब सुशील कुमार मोदी ने इसपर सवाल उठाया था.मोदी ने कहा था कि जब प्रभावशाली लोगों के लिए कानून में बदलाव किया जा सकता है तो गरीबों और दलितों के लिए क्यों नहीं. सुशील मोदी ने कहा था कि बिहार में शराबबंदी कानून के तहत जेल में बंद लोगों में ज्यादातर गरीब और दलित हैं सरकार उन्हें आम माफी देकर रिहा क्यों नहीं कर रही है. लेकिन सोमवार को सुशील मोदी के भी सुर बदल गए. उन्होंने कहा कि आनंद मोहन सिंह की रिहा होने पर मुझे कोई ऐतराज नहीं है.

बीजेपी से सुशील मोदी ही नहीं अमित मालवीय ने भी रिहाई के आदेश पर सवाल उठाया है. अमित मालवीय ने नीतीश सरकार के इस फैसले को शर्मनाक कहा है. उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात IAS अधिकारी की हत्या में सजायाफ्ता आनंद मोहन सिंह को छोड़ने का फैसला शर्मनाक है. IAS अधिकारी जी कृष्णैया दलित थे.

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