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मधुबनी : सरकारी शिक्षकों से बंधुआ मजदूर की तरह काम कराना गलत : ई. रंजीत 

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के विरुद्ध कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना मधुबनी मे गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सामने भारत मुक्ति मोर्चा भारतीय मूल निवासी बहुजन कर्मचारी संघ (ट्रेड यूनियन)प्रोफेसर टीचर्स एंड नॉनटीचिंग एम्पलाई एसोसिएशन(पीआरओटीएन) की ओर से एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। इस दौरान मोर्चा के जिला अध्यक्ष ई. रंजीत कुमार ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था धंधा नहीं वह राष्ट्र सेवा है। लेकिन निजी एजेंसी के द्वारा शिक्षा विभाग को नियंत्रित एवं संचालित करना संविधान द्रोह का मामला बनता है। कहा कि के के पाठक (केशव कुमार पाठक) संविधान के विरोध में काम कर रहे हैं। रामसुदिष्ट यादव जिला संरक्षक एवं विजय कुमार ठाकुर प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि अपर मुख्य सचिव केके पाठक एवं निजी एजेंसी के द्वारा निर्माण एवं साधन संसाधन के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। साथ ही निर्माण कार्य भी गुणवत्ताहीन कराया जा रहा है जिसकी जांच होनी चाहिए। कमलेश पासवान भारतीय विद्यार्थी मोर्चा जिला अध्यक्ष और संजय दास अधिवक्ता संघ प्रदेश प्रभारी ने कहा कि शिक्षक देहारी मजदूर नहीं है। शिक्षकों से निर्धारित समय से ज्यादा काम करवाया जा रहा है। शिक्षक पेशा राष्ट्रीय सेवा का पेशा है, लेकिन इसके साथ कोल्हू के बैंल या बंधुआ मजदूर की तरह किया जाता है जो बिल्कुल अन्याय है। इस कार्यक्रम में महिला संघ के जिला सदस्य पूजा कुमारी, ललिता देवी, राम प्रकाश राम, सुमन ठाकुर, शत्रुघन राम, अमर बिहारी थे।

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