5077 किलोमीटर एक्सप्रेसवे को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रालय ने लक्ष्य तय किया है कि दोनों एक्सप्रेसवे के 100-100 किलोमीटर खंड का काम इसी वित्तीय वर्ष में शुरू कर दिया जाएगा. भारतमाला परियोजना के तहत दोनों एक्सप्रेसवे का डीपीआर तैयार किया जा रहा था, लेकिन पिछले कई महीनो से यह ठंडे बस्ते में था. अब केंद्र सरकार ने 2047 में विकसित भारत का विजन का लक्ष्य तय किया है तो उसके तहत भारतमाला परियोजना दो के तहत 5077 किलोमीटर एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है इसमें बिहार के दोनों एक्सप्रेसवे को शामिल किया गया है. रक्सौल से शुरू होकर हल्दिया तक जाने वाला एक्सप्रेस वे 719 किलोमीटर लंबा होगा. बिहार के अलावे झारखंड, पश्चिम बंगाल से भी एक्सप्रेसवे जुड़ेगा.
गोरखपुर- किशनगंज- सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे
गोरखपुर- किशनगंज- सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की लंबाई 521 किलोमीटर है. उत्तर प्रदेश से शुरू होने वाला यह एक्सप्रेसवे बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल तक जाएगा. यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेस से भी जुड़ेगा. ऐसे में गोरखपुर होते हुए किशनगंज और सिलीगुड़ी तक इसका सीधा संपर्क हो जाएगा. विजय कुमार सिन्हा ने जानकारी दी है कि रक्सौल हल्दिया हाई स्पीड कॉरिडोर के लगभग 367 किलोमीटर और गोरखपुर- किशनगंज हाई स्पीड कॉरिडोर के लगभग 416 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा. इसके अतिरिक्त पहले से ही वाराणसी- कोलकाता- एक्सप्रेस वे की 170 किलोमीटर सड़क पर काम चल रहा है. विजय कुमार सिंह ने कहा कि रक्सौल -हल्दिया हाई स्पीड कॉरिडोर बिहार के पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई और बांका जिला से गुजरेगा.





