राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विद्वत समागम का आयोजन महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह महाविद्यालय के सभागार में किया गया।
विद्वज्जनों के बीच पंच परिवर्तन के माध्यम से समर्थ, सशक्त, उन्नत, अनुशासित एवं आदर्श राष्ट्र की परिकल्पना करने हेतु चिंतन करने एवं देश के अंतिम व्यक्ति तक इन बातों को कैसे पहुंचाया जाय तथा
व्यवहार में लाया जाए, इसको लेकर चिंतन व विमर्श किया गया। विषय प्रवेश कराते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक रवि शंकर ने बताया कि इस वर्ष की प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा
संगठनात्मक दृष्टि और सामाजिक दृष्टि से इन दो बिंदुओं पर कार्य करने की अभिलाषा व्यक्त की गई है। जिसमें सामाजिक दृष्टि के अंदर पंच परिवर्तन के द्वारा समाज
की सज्जन शक्ति और विभिन्न संस्थाओं को एक साथ प्रयास करते हुए पांच परिवर्तन को राष्ट्रीय विमर्श का विषय बनाने की अनुशंसा की गई थी। प्रथमत: संघ संगठनात्मक दृष्टि से शाखाओं का संचालन एवं विस्तार
और कार्य की गुणवत्ता अर्थात संख्यात्मक विस्तार के साथ-साथ गुणात्मक वृद्धि पर कार्य करेगा। वहीं महेंद्र नारायण राम ने पांच परिवर्तन की प्रथम अभिव्यक्ति सामाजिक समरसता पर अपने विचार रखें। सामाजिक
समरसता पर अपना विचार रखते हुए महेंद्र नारायण राम ने कहा कि वृहत समाज, वृहद हिंदू समाज को एकीकृत करने के लिए यह आवश्यक है कि हिंदू समाज के सभी
अंग एक-दूसरे को सहोदर की भांति माने जाने और व्यवहार करें। पर्यावरण संरक्षण के विषय पर बोलते हुए प्रो. प्रेम मोहन मिश्र ने कहा कि आज के समय में जबकि समाज पर भौतिकता का प्रभाव बढ़ गया है, उस समय या आवश्यक है कि हम अपनी जीवन शैली को इस
तरीके से व्यवस्थित करें कि वह पर्यावरण के अनुकूल हो। कुटुंब प्रबोधन पर बोलते हुए प्राध्यापक सोनू राम शंकर ने कहा कि हमें प्रत्येक भारतीय परिवार में पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने हेतु कुटुंब प्रबोधन की
कार्यशाला आयोजित करनी चाहिए क्योंकि मनुष्य की प्राथमिक पाठशाला उसका परिवार होता है अगर परिवार के द्वारा अपनी सभ्यता और संस्कृति के मूल्य की जानकारी बच्चों को दी जाए तो आने वाले समय में हम
मजबूत भारतीय समाज का निर्माण कर पाएंगे। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सह संघचालक अजीत सिंह, निर्वाचन आयोग के ब्रांड एंबेसडर, वॉइस आॅफ दरभंगा मणिकांत झा आदि ने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन राजेश झा और धन्यवाद ज्ञापन अविनाश ने किया।




