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मशरूम उत्पादन एवं व्यापार स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान एवं आर्थिक उपार्जन का महत्वपूर्ण माध्यम : ललित झा।

दरभंगा जिला का लीड बैंक सेंट्रल बैंक आफ इंडिया सामाजिक उत्थान एवं प्रशिक्षण संस्थान, बहादुरपुर प्रखंड केंपस के सेंट आरसेटी, दरभंगा के तत्वावधान में स्थानीय बेलादुल्ला, वार्ड नंबर 3 में विगत 27 नवंबर से 6 दिसंबर, 2023 के बीच संचालित 10 दिवसीय मशरूम प्रशिक्षण शिविर आज सातवें दिन भी सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

शिविर की प्रशिक्षिका प्रतिभा झा ने प्रतिभागियों को उपचारित गेहूं- भूसा में मशरूम के बीज को डालकर बैग तैयार करना सिखाया। बैग तैयार करने में बरते जाने वाले सावधानियों- यथा भूसा में नमी का प्रतिशत, बीज की मात्रा तथा मसरूम उगने हेतु बैग में छिद्र तथा बैग को रस्सी में टांगने आदि क्रियाएं कराकर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि मशरूम से सब्जी, अचार, पापड़, पाउडर, सूप, मुरब्बा, बिस्किट, नूडल्स, चॉकलेट, कैंडी, चिप्स, कैचअप आदि तैयार किए जाते हैं, जिनकी बाजार में मांगें बढ़ रही हैं।

शिविर का शुभारंभ करते हुए सेवा संस्कृति, जोगियारा, दरभंगा के सचिव ललित कुमार झा ने कहा कि मशरूम उत्पादन एवं व्यापार स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान तथा आर्थिक उपार्जन का महत्वपूर्ण माध्यम है। एक दशक पहले तक दरभंगा के लोग मशरूम से लगभग अनभिज्ञ थे, पर अब इसके प्रति लोगों में रुचि बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि सेंट- आरसेटी, दरभंगा द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण पूर्णता निःशुल्क है, जिसके प्रमाण पत्र से सरकार द्वारा ऋण लेकर कोई भी व्यक्ति स्वरोजगार कर सकते हैं। विशेष रूप से गरीबों, पिछड़ों दलितों, युवाओं तथा महिलाओं को सरकार द्वारा स्वरोजगार की विशेष सुविधाएं दी जाती हैं।

मशरूम प्रशिक्षण के संयोजक डा आर एन चौरसिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण में दरभंगा जिला के विभिन्न क्षेत्रों के 35 गरीब, दलित, अल्पसंख्यक, पिछड़े युवा एवं महिलाएं भाग ले रहे हैं। मशरूम उत्पादन बिहार के लिए तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसमें रोजी- रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। यह प्रशिक्षण मशरूम उत्पादन एवं व्यापार जागरूकता का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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