Tuesday, April 21, 2026
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नीलाम-पत्र वाद एवं राजस्व से संबंधित मामलों की हुई समीक्षा।

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समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष ने भारत सरकार एवं बिहार सरकार के भू-राजस्व के इतिहास की जानकारी प्रदान करते हुए  पीडीआर. एक्ट के अन्तर्गत विभिन्न अनुमण्डल पदाधिकारी एवं नीलाम-पत्र वाद पदाधिकारी द्वारा नीलाम पत्र वाद से संबंधित मामलों की समीक्षा के संबंध में बताया कि वसूली और राजस्व दोनों में अन्योन्याश्रय संबंध है, इसके तहत बॉडी वारंट, डिस्ट्रेस वारंट जारी कर सरकारी राशि की वसूली की जानी चाहिए।

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उन्होंने कहा कि अब नीलाम-पत्र वाद पदाधिकारी कि रैकिंग उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। पीडीआर. एक्ट के तहत वसूली क्यों नहीं बढ़ रही है, इसकी भी समीक्षा की जाएगी।

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प्रमण्डल के तीनों जिलों की स्थिति की समीक्षा में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में नीलामपत्र वाद के ऑनलाईन केस अपलोड करने के मामले में मधुबनी तथा मामलों के निष्पादन में समस्तीपुर जिला आगे चल रहा है।

प्रथम एवं द्वितीय नोटिस जारी करने में मधुबनी जिला आगे चल रहा है तथा बाकाया राशि की वसूली करने के लिए बॉडी वारंट निर्गत करने में मधुबनी एवं दरभंगा जिला समस्तीपुर से आगे चल रहा है। डिस्ट्रेस वारंट जारी करने में समस्तीपुर एवं दरभंगा जिला आगे है। बैठक में नीलाम पत्र वाद की बकाया राशि की वसूली का प्रतिशत बढ़ाने का निर्देश दिया गया।

समीक्षा बैठक के दौरान प्रमण्डलीय आयुक्त ने दरभंगा प्रमंडल के सभी जिलाधिकारी एवं राजस्व पदाधिकारियों को नीलाम पत्र वाद के शत-प्रतिशत मामलों को सॉफ्टवेयर में अपलोड करने तथा नीलाम-पत्र वाद के मामलों के निष्पादन में तीव्रता लाने के निर्देश दिये।

बैठक में सचिव राजस्व पर्षद द्वारा आयुक्त एवं तीनों जिलाधिकारियों को भी महीने में एक बार नीलाम-पत्र वाद की समीक्षा करने हेतु अनुरोध किया गया। इसके साथ ही राजस्व पर्षद के आई टी सहायक को आयुक्त एवं जिलाधिकारी के लिए अलग-अलग लॉगिंन आई.डी. सृजित करने का निर्देश दिया गया, ताकि वे डाटा को देखकर समीक्षा कर सकें।

बैठक में ऑनलाईन दाखिल-खारिज के आवेदन के निष्पादन की समीक्षा में पाया गया कि तीनों जिला के निष्पादन की स्थिति औसतन 75 प्रतिशत है, जिन अंचलों के निष्पादन की स्थिति कम पायी गई।

इसके साथ ही लंबित मामलों में दरभंगा के दरभंगा सदर, कुशेश्वरस्थान पूर्वी एवं बहेड़ी, समस्तीपुर जिला के समस्तीपुर सदर, मोहनपुर, कल्याणपुर, मधुबनी जिला के बिस्फी को और तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

01 अगस्त, 2023 के बाद संबंधित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता द्वारा किये गये म्यूटेशन अपील कोर्ट की समीक्षा में समस्तीपुर के डी.सी.एल.आर. प्रथम स्थान पर रहें, जबकि मधुबनी के झंझारपुर की स्थिति संतोषजनक रही।

बीएलडीआरए. कोर्ट के एक्सपायर मामलों की समीक्षा में मधुबनी के फुलपरास एवं जयनगर को तेजी लाने के निर्देश दिए गए। सरकार के आदेश के आलोक में सभी डी.सी.एल.आर. को प्रत्येक महीना में कम से कम 16 दिन कोर्ट करने का निर्देश दिया गया।

अपर समाहर्त्ता द्वारा म्यूटेशन रिविजन कोर्ट एवं जमाबंदी रद्दीकरण कोर्ट करने की समीक्षा में पाया गया कि कोर्ट दिवस की संख्या बढ़ाने की जरूरत है।

आयुक्त ने इस संबंध में निर्देश जारी किया कि विधि-व्यवस्था के कर्तव्य पर रहने की स्थिति में अपर समाहर्त्ता या डीसीएलआर कोर्ट के लिए निर्धारित तिथि की अगली तिथि को दो पालियों में कोर्ट करके इसकी संख्या निर्देशानुसार पूरी करें तथा जमाबंदी रद्दीकरण एवं म्यूटेशन रिविजन के मामलें का शत-प्रतिशत निष्पादन करें।

उन्होंने अगले 15 दिन में ऑनलाईन म्यूटेशन सहित राजस्व के लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निष्पादन करने के निर्देश दिये।

बैठक में जिलाधिकारी, समस्तीपुर ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के अन्दर दाखिल-खारिज के मामलों का निष्पादन होता है तो पदाधिकारी की अच्छी छवि बनती है। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित समस्तीपुर के सभी पदाधिकारी इस बैठक में उपस्थित हैं, निर्धारित समय सीमा के अन्दर लंबित मामलों का निष्पादन पूरा कर लें।

जिलाधिकारी, मधुबनी ने कहा कि समीक्षा बैठक से बहुत सी बातें सामने आयी हैं, जिसमें कोर्ट करने की निर्धारित संख्या भी संज्ञान में आया है। उन्होंने फुलपरास डी.सी.एल.आर. को निर्धारित संख्या के अनुसार कोर्ट करने का निर्देश दिया। साथ ही नीलाम पत्र वाद में बॉडी वारंट,डिस्ट्रेस वारंट जारी करके बकाया राशि की वसूली करने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज के मामलें लंबित रखने पर संबंधित पदाधिकारी पर गलत आरोप भी लगया जाता है, इसका ख्याल रखें।

जिलाधिकारी, दरभंगा ने कहा कि पी.डी.आर. एक्ट के तहत बकाया राशि की वसूली करना राजस्व के मूलभूत कार्य में शामिल है। दरभंगा में अभियान चलाकर सभी मामलों को ऑनलाईन किया जाएगा, इसके लिए अलग से डाटा इन्ट्री ऑपरेटर की प्रतिनियुक्ति करनी होगी, तो वह भी किया जाएगा।

उन्होंने अपने सभी एसडीओ, डीसीएलआर. सहित सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी को पूराने मामलों में फ्रेस नोटिस जारी कर मामलों का निष्पादन करने के निर्देश दिये। राजस्व कोर्ट के संबंध में उन्होंने कहा कि आयुक्त महोदय के निर्देश के अनुसार जिस दिन कोर्ट नहीं किया जा सकेगा, उसके अगले दिन कोर्ट किया जाए, इसके लिए कोर्ट की तिथि एवं समय के लिए जारी नोटिस में ही इस तथ्य को समाहित कर दिया जाए।

उन्होंने दरभंगा के सभी अंचलाधिकारी को समय से दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन करने के निर्देश दिये और कहा कि लंबित मामले आपकी निष्क्रयता परिचायक है। सरकारी जमीन का जमाबंदी करने वाले अंचलाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रैयती भूमि में भी जमाबंदी करते समय पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए।

आयुक्त ने दरभंगा प्रमंडल के सभी राजस्व पदाधिकारी को संबोधित करते हुए कहा कि भूमि प्रबंधन में आप अपने वरीय पदाधिकारियों के आदेश को माने और भूमि विवाद के निष्पादन में कानून के अनुसार काम करें। काम करने के दौरान जानबूझ कर की गई गलती के लिए संबंधित पदाधिकारी सजा के पात्र होंगे।

उन्होंने कहा कि आप अच्छा प्रदर्शन करें, ताकि अन्य पदाधिकारियों के लिए भी एक उदाहरण बन सके।

बैठक के अंत में धन्यवाद ज्ञापन आयुक्त के सचिव अनिल कुमार द्वारा किया गया।

बैठक में संयुक्त सचिव-सह-आरटीए सचिव राजेश कुमार, संयुक्त निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता व अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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