अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो एस पी सिंह ने कहा कि कोविड महामारी के कारण विश्वविद्यालय की नैक तैयारी काफी बाधित हुई, पर पुनः तैयारी आगे बढ़ी। वर्तमान में मिथिला विश्वविद्यालय बिहार में नैक कराने वाले विश्वविद्यालय में अग्रणी है। यदि नैक में बेहतरीन ग्रेड प्राप्त होता है तो दूरस्थ शिक्षा केन्द्र का पुनः संचालन हो सकेगा। कुलपति ने सिंडिकेट सदस्यों को नैक तैयारी की जानकारी विस्तार से देते हुए सभी सदस्यों को नैक मूल्यांकन के दौरान आगामी 23 से 25 नवंबर, 2023 के बीच विश्वविद्यालय में आने का आमंत्रण दिया तथा पूर्ण सहयोग का आग्रह किया।
सांसद गोपाल जी ठाकुर ने विश्वविद्यालय के विकास में कुलपति के योगदान की प्रशंसा करते हुए पूर्ण सहयोग का संकल्प व्यक्त किया। वहीं प्रो हरि नारायण सिंह ने सिंडिकेट के सदस्यों की ओर से कुलपति को नैक मूल्यांकन में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कोविड महामारी के बाद नैक करने वाला प्रथम विश्वविद्यालय बनने के लिए कुलपति को अग्रिम बधाई दिया।
डा बैजनाथ चौधरी बैजू ने नैक को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिया, जबकि सिंडिकेट के अन्य सदस्यों ने भी अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए।





