उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता नोटिसों के तामिले पर निर्भर है। पक्षकारों को जब नोटिस प्राप्त होता है तब उन्हें जानकारी होती है कि उनका मुकदमा भी लोक अदालत में निष्पादित होने लायक है। इसके बाद पक्ष विपक्ष आपस में बातचीत करते हैं और इसके लिए कुछ समय की जरूरत होती है। इसलिए सभी नोटिस को जल्द से जल्द पक्षकारों तक पहुंचाया जाये।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि नोटिस तामील कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व एवं लाभों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए ताकि नोटिस प्राप्त कराते हुए पक्षकारों को प्रोत्साहित किया जा सके।
साथ ही इसके अलावा उन्होंने प्रत्येक थाने में राष्ट्रीय लोक अदालत संबंधी बैनर पोस्टर लगाने का भी निर्देश दिया।
आगामी 09 मई 2026 को दरभंगा, बेनीपुर एवं बिरौल न्यायालय परिसर में सुबह दस बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित किया जाएगा
जिसमें सुलह समझौते के जरिए अधिक से अधिक मुकदमों तथा मुकदमा पूर्व मामलों को निपटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने बैंक, परिवहन विभाग, दूरसंचार विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक की।
बैठक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री जुनैद आलम, सदर एसडीपीओ श्री राजीव कुमार, बेनीपुर एसडीपीओ श्री बासुकीनाथ झा सहित सभी थानाध्यक्ष मौजूद थे।





