बिहार डेस्क: शिक्षक अभ्यर्थियों के बाद अब किसान सलाहकार सड़क पर उतर चुके हैं। जनसेवक का दर्जा देने की मांग को लेकर वह विधानसभा घेराव के लिए निकले हैं। हालांकि, पटना पुलिस ने किसान सलाहकारों को आर ब्लॉक के पास ही रोक लिया है। भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है। वरीय पुलिस अधिकारी माइकिंग कर किसान सलाहकारों को पीछे हटने के लिए कहा। जब किसान सलाहकारों ने बात नहीं मानी तो पुलिस ने बल प्रयोग किया। बात नहीं बनी तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी किसान सलाहकारों को खदेड़ दिया।
हाथ में तिरंगा लिए किसान सलाहकार बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे सैकड़ों की संख्या में जुट किसान सलाहकारों का कहना है कि हमलोग पिछले 13 साल से बिहार सरकार हमलोगों को ठगने का काम कर रही है। हमलोगों को जनसेवक का दर्जा दिया जाए। अपनी मांग को लेकर हमलोग विधानसभा घेराव के लिए निकले हैं। नीतीश सरकार से अपील है कि हमलोगों की मांग को गंभीरता से ले। हमलोगों ने पहले भी कई बार सरकार ने अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की है लेकिन सरकार ने अब तक इसपर ध्यान नहीं दिया। तंग आकर हमलोग विधानसभा घेराव करने के लिए यहां पहुंचे हैं।
परिवर्तनकारी किसान सलाहकार संघ के राज्याध्यक्ष जसवंत कुमार और युवा कमेटी के प्रमुख विजय गिरी ने कहा कि हमलोग इतने दिनों से सेवा दे रहे हैं। अब तक हमें जनसेवक का दर्जा नहीं दिया गया है। हमारी सारी मांग जायज है। हमलोगों की मांगों का समर्थन किसानों ने भी किया। बिहार प्रदेश किसान सलाहकार संघ के अध्यक्ष राजा राम सिंह ने कहा कि हमलोगों ने सरकारी कर्मी का दर्जा देने की मांग की लेकिन अब तक विभाग द्वारा इस मामले में किसी तरह का आश्वासन नहीं मिला है। बिहार राज्य किसान सलाहकार संघ के राज्याध्यक्ष पंकज सिंह ने कहा कि अगर विभाग ससमय हमारी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो आगे और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा।




