एईएस/जेई रोकथाम, फाइलेरिया सर्वेक्षण, आयुष्मान कार्ड निर्माण एवं स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
सभागार में जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान, एईएस/जेई रोकथाम, मिजिल्स-रूबैला, फाइलेरिया उन्मूलन, आयुष्मान भारत योजना तथा जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कार्यक्रमों एवं सूचकांकों (इंडिकेटर्स) में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया।
उन्होंने आगामी पल्स पोलियो अभियान को लेकर सभी आवश्यक तैयारियाँ समय पर पूरी करने एवं संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण देने पर विशेष बल दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि “कोई भी बच्चा पल्स पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहना चाहिए।” इसके लिए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने ईंट-भट्ठों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा अन्य अस्थायी निवास स्थलों पर रहने वाले बच्चों को अभियान के अंतर्गत कवर करने का निर्देश दिया।
साथ ही अभियान के शुभारंभ एवं संचालन में सभी माननीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने का निर्देश भी दिया।
उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो अभियान के दौरान पोलियो वैक्सीन की बर्बादी (वेस्टेज) नहीं होनी चाहिए तथा इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की होगी।
बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ.अमरेंद्र कुमार मिश्रा ने सभी चिकित्सा पदाधिकारियों को वैक्सीनेशन कैरियर बॉक्स एवं अन्य उपकरणों की साफ-सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने टीकाकरण कार्य में लगे सभी कर्मियों, आशा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का भुगतान समय पर करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी कर्मी का मानदेय लंबित नहीं रहना चाहिए तथा भुगतान से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए।
एईएस/जेई रोकथाम की समीक्षा
बैठक में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) एवं जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) की रोकथाम संबंधी तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
बताया गया कि यह बीमारी मुख्य रूप से 1 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रभावित करती है। इसके नियंत्रण एवं उपचार हेतु स्वास्थ्यकर्मियों को ओआरएस घोल, पेरासिटामोल के उपयोग तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही आपातकालीन स्थिति के लिए वाहनों को भी टैग किया गया है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में दरभंगा जिले में एईएस/जेई का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। इसके लिए आवश्यक 28 प्रकार की दवाएँ उपलब्ध हैं। बीमारी की रोकथाम एवं जागरूकता के लिए शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, जीविका, विकास मित्र एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने दर्पण ऐप के माध्यम से चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
फाइलेरिया सर्वेक्षण 15 जून से
बैठक में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया गया कि बहादुरपुर, बहेड़ी एवं जाले प्रखंडों को सर्वेक्षण हेतु चिन्हित किया गया है।
यह सर्वेक्षण 15 जून 2026 से प्रारंभ होगा तथा सात दिनों के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा।
आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने का निर्देश
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने आयुष्मान योजना के अंतर्गत टैग किए गए अस्पतालों की भी जांच कराने का निर्देश दिया ताकि लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) को सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित निगरानी एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
दवा की ऑनलाइन प्रविष्टि एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच के निर्देश
समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई स्थानों पर दवाओं की ऑनलाइन प्रविष्टि (एंट्री) पोर्टल पर अद्यतन नहीं की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी उपलब्ध दवाओं की जानकारी शीघ्र पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया।
उन्होंने जिले में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण करें। जिला स्तरीय अधिकारी में टीम बनाकर भी जांच की जाएगी।
साथ ही लाइसेंस प्राप्त अल्ट्रासाउंड केंद्र निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं या नहीं, इसकी भी जांच की जाए तथा सभी केंद्रों की अद्यतन सूची उपलब्ध कराई जाए।
टीबी मुक्त पंचायत अभियान को गति देने का निर्देश
बैठक में टीबी मुक्त पंचायत अभियान की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने एन. सी.डी.ओ सत्येन्द्र प्रसाद को अभियान की सभी तैयारियाँ समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।
उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष बल दिया।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार मिश्रा, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित थे।




