बंगाली टोला में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी हरि प्रिया एवं विशिष्ट अतिथि प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रमोद कुमार थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या
श्रावणी शिखा एवं चेयरमैन हीरा कुमार झा द्वारा अतिथियों के स्वागत मिथिला परंपरानुसार किया गया। समारोह का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों, प्रबंधक राजीव कुमार, प्राचार्या श्रावणी शिखा और चेयरमैन हीरा कुमार झा के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
स्वागत भाषण देते हुए प्राचार्या श्रावणी शिखा ने कहा कि माँ बच्चों की प्रथम गुरु होती हैं तथा उनके संस्कार, शिक्षा और सफलता के पीछे माँ का सबसे बड़ा योगदान रहता है। उन्होंने सभी माताओं को मातृ दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
अपने संबोधन में विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार ने कहा कि माँ है तो संसार है, माँ से ही संस्कार है। उन्होंने वर्तमान परिस्थिति में अपने बच्चों को सुरक्षित ढंग से रखने के लिए वैधानिक बिंदुओं पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि हरि प्रिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि माँ का स्थान जीवन में सर्वोच्च होता है। माँ का प्रेम, त्याग और समर्पण अतुलनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता का सम्मान करने तथा उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी। साथ ही आज के समय में माँ के कर्तव्यों पर विधिक रूप से ध्यान आकृष्ट किया। विद्यालय के नन्हें बच्चे बच्चियों द्वारा आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के नैतिक एवं सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में विद्यालय के चेयरमैन हीरा कुमार झा ने कहा कि माताएँ समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए परिवार और विद्यालय दोनों की संयुक्त भूमिका आवश्यक है। उन्होंने सभी अभिभावकों का विद्यालय के प्रति विश्वास एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, कविता एवं भाषण प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों पर उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों ने खूब तालियाँ बजाकर उनका उत्साहवर्द्धन किया। समारोह में उपस्थित माताओं के बीच क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम चार विजेताओं को अतिथियों के द्वारा पुरस्कृत किया गया।
नवमी कक्षा के वैभव और आकांक्षा के संयुक्त संचालन में आयोजित कार्यक्रम में सी सी ए प्रभारी पलक मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास एवं भावनात्मक वातावरण में हुआ।
वहीं वाजितपुर शाखा में कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि मांडवी कुमारी, पैनल अधिवक्ता, व्यवहार न्यायालय दरभंगा, प्रबंधक संजीव कुमार, प्राचार्य अजय झा, कोऑर्डिनेटर शशांक श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विद्यालय की सी सी ए प्रभारी सीमा लकड़ा ने मिथिला परंपरानुसार मुख्य अतिथि को सम्मानित किया।
विद्यालय के प्राचार्य अजय झा ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में नैतिक मूल्यों और माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्य अतिथि मांडवी कुमारी ने कहा कि “माँ बच्चों का पूरा संसार होती है। उनके आदेश को ईश्वर का आदेश मानकर पालन करना चाहिए।
समारोह में उपस्थित माताओं के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें उत्कृष्ट चार विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक पंकज कुमार सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के समन्वयक शशांक श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत किया गया।




