कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पैनल अधिवक्ता श्री श्रवण कुमार चौधरी ने कहा कि मध्यस्थता विवाद निपटारे का एक सरल माध्यम है।
मध्यस्थता के जरिए ऐसे मामलों को भी सुलझाया जा सकता है जो न्यायालय में दर्ज नहीं हुआ है। व्यापारिक विवादों को सुलझाने का प्रि इंस्टीट्यूशन मेडियेशन बेहतर विकल्प है।
उन्होंने नालसा जागृति योजना के बारे में बताते हुए कहा कि गांव-गांव में न्याय का न्याय दिलाना हीं इस योजना का उद्देश्य है। इसके अलावा उन्होंने नौजवानों को सभी तरह के नशापान से दूर रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम में बाल विवाह, मानसिक रोगियों के अधिकार, अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण योजनाओं, वीर परिवार सहायता योजना आदि के बारे में बताया।
प्राधिकार सहायक कुमार गौरव ने 09 मई को बिरौल न्यायालय में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में बताते हुए उसका लाभ उठाने की अपील की।
मौके पर पंचायत के मुखिया नवल किशोर राय, सरपंच रामचंद्र मुखिया, आदि मौजूद थे।





