कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पैनल अधिवक्ता कुमारी ममता ने कहा कि कानून के अनुसार हर जिले में बच्चों की सुविधा के लिए एक विशेष पुलिस इकाई बनाना अनिवार्य है। जो बच्चों से संबंधित मामलों को संभालेंगे और पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता लायेंगे। इसमें बच्चों के मामलों के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित अधिकारी होंगे। इसके अलावा प्रत्येक पुलिस स्टेशन में एक अधिकारी को बाल कल्याण अधिकारी के रूप में नामित किया जाएगा।
उन्होंने लोगों को कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानून,तृतीय लिंग के व्यक्तियों से संबंधित सितारा योजना,वीर परिवार सहायता योजना आदि के बारे में भी बताया।
विशेष कर 09 मई को होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति भी लोगों को जागरूक किया।
मौके पर पंचायत के मुखिया विमल देवी,पीएलवी चंद्रशेखर आनंद, बिंदु देवी, सूरज पासवान, राजा पासवान, धनेश्वर दास, श्यामा देवी, सारदा देवी, सोमनी देवी, गोपाल पासवान, उचीत पासवान आदि मौजूद थे।

 अधिनियम, 2000 की धारा 63 के साथ साथ अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।</p></blockquote><p> </p><div class=)



