दरभंगा। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर इकाई एवं रामेश्वर लता संस्कृत महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में तथा विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना स्नातकोत्तर इकाई द्वारा एनआईसी कैंप से भागलपुर से लौटे स्वयंसेवकों का अभिनंदन एवं शुभकामना समारोह आयोजित किया गया।
यह सप्त दिवसीय एनआईसी कैंप 4 फरवरी से 10 फरवरी तक मारवाड़ी कॉलेज भागलपुर में आयोजित हुआ था, जिसमें विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुधीर कुमार थे। स्नातकोत्तर इकाई की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. साधना शर्मा एवं सह-संयोजक डॉ. मुकेश निराला ने कार्यक्रम का संचालन किया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार झा, प्रो. दयानाथ झा, डॉ. कुणाल कुमार झा तथा डॉ. धीरज कुमार पांडेय सहित विभागीय शिक्षक डॉ. राम निहोरा राय, डॉ. वरुण कुमार झा, आचार्य अवधेश कुमार श्रौत्रिय तथा डा. संतोष कुमार तिवारी, डॉ. माया, डॉ. देवहुति, डॉ. एल. सविता आर्या ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं। एनआईसी कैंप से लौटे स्वयंसेवक विश्वमोहन एवं काजल कुमारी ने अपने अनुभवों को सुनाया और सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
स्वयंसेविका काजल शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उनका दूसरा एनआईसी कैंप था और यह उनके जीवन के सबसे हसीन पलों में से एक रहा। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए स्वयंसेवकों से मिलना, उनकी संस्कृति को जानना और मित्रता स्थापित करना अत्यंत सुखद अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि शिविर में जाति-धर्म का कोई भेदभाव नहीं था, बल्कि सभी ने स्वयं को एक भारतीय के रूप में अनुभव किया। प्रतिदिन प्रातः पीटी, अनुशासन एवं समय-सारिणी का पालन करने से उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ। उन्होंने एनएसएस एवं अपने समन्वयकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विश्वमोहन झा ने कहा— सचमुच ‘एकता शिविर’
स्वयंसेवक विश्वमोहन झा ने कहा कि यह शिविर अपने नाम के अनुरूप पूर्णतः ‘एकता शिविर’ था। यहाँ भाषा, जाति और धर्म से परे सभी ने एक-दूसरे की संस्कृति को जानने और अपनाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान NTPC को निकट से जानने का अवसर मिला तथा मंदार पर्वत एवं विक्रमशिला महाविहार जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। टेक्निकल सत्रों के माध्यम से साइबर सिक्योरिटी, स्किल इंडिया एवं एड्स नियंत्रण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया गया तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
इसके बाद स्वयंसेवकों को बताया गया “माय भारत बजट क्वेस्ट 2026” का महत्व बताया गया।
उक्त सूचना विश्वविद्यालय के पी आर ओ डा. निशिकान्त सिंह के द्वारा दी गयी।
एनआईसी कैंप से लौटे स्वयंसेवकों का किया गया अभिनंदन कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में साझा किया उन्हों ने प्रेरणादायी अनुभव


