जिले में आगामी 10 फरवरी से “सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम” शुरू किया जाएगा,जिसमें हर नागरिक को डीईसी,एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन की दवा का सेवन कराया जाएगा ताकि संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
इस अभियान में जीविका दीदियों की अग्रणी भूमिका तय की गई है। जिला फाइलेरिया विभाग के अनुसार 11 फरवरी को सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर जीविका दीदियों और उनके परिवारों के लिए विशेष मेगा कैम्प आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूकता आंदोलन भी संचालित किया जाएगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एरिया कोऑर्डिनेटर सुजाता आनंद ने विशेष रणनीति तैयार की है तथा सभी एमआरपी और सीएनआरपी का उन्मुखीकरण किया गया है।
जीविका प्रखंड परियोजना प्रबंधक शिकंदर आज़म ने बताया कि जीविका दीदियों को घर-घर जाकर लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने कहा, “जीविका दीदियां ग्रामीण समाज में विश्वास का प्रतीक हैं। उनकी भागीदारी से न केवल दवा सेवन दर में वृद्धि होगी, बल्कि लोगों में फाइलेरिया के प्रति जागरूकता भी तेजी से फैलेगी।”
उन्होंने आगे बताया कि फाइलेरिया ऐसी बीमारी है जो लंबे समय तक शरीर में रहने पर स्थायी दिव्यांग का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को दवा अवश्य लेनी चाहिए।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि मेगा कैम्प की सारी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार ने वर्ष 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
दरभंगा जिला इस दिशा में पहले ही कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुका है। जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान को नई ऊर्जा देगी।” उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे पूरे परिवार के साथ दवा का सेवन कर फाइलेरिया मुक्त समाज बनाने में सहयोग करें।
मौके पर पिरामल फाउंडेशन से चन्द्रेश कुमार कर्ण, एमडीए कोऑर्डिनेटर चंदन कुमार रॉय, तथा सभी एमआरपी और सीएनआरपी उपस्थित रहे।




