25 साल बाद नाना-दोहिते का हुआ मिलन:बेगूसराय के मोहम्मद जसीम सन् 2000 में हुए थे लापता, नीमकाथाना के अपना घर आश्रम से घर लौटे।
नीमकाथाना के अपना घर आश्रम की मदद से 25 साल पहले लापता हुए मोहम्मद जसीम का अपने दोहिते मोहम्मद राशिद से मिलन हुआ। जसीम को आश्रम से उनके घर बेगूसराय, बिहार ले जाया गया।
ज्ञानचंद मोदी नाम से सेवा प्राप्त कर रहे मोहम्मद जसीम को अपना घर आश्रम, वाराणसी द्वारा 19 जुलाई 2019 को रेस्क्यू किया गया था। उस समय उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।
वाराणसी से नीमकाथाना लाए गए
वाराणसी आश्रम से स्थानांतरित होकर जसीम अपना घर आश्रम नीमकाथाना आए। यहां लगभग तीन साल तक सेवा प्राप्त करने के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और उन्होंने अपना पता बताया। अपना घर की टीम ने पते की पुष्टि की और उनके दोहिते मोहम्मद राशिद से संपर्क साधा। मोहम्मद राशिद आश्रम पहुंचे।
काम की तलाश में वाराणसी गए थे मोहम्मद जसीम
राशिद ने बताया कि उनके नाना मोहम्मद जसीम लगभग 25 साल पहले काम की तलाश में वाराणसी गए थे और वहीं से लापता हो गए थे। परिवार ने उन्हें ढूंढने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। मोहम्मद राशिद ने अपना घर आश्रम की टीम का धन्यवाद किया और आश्रम की सुविधाओं की सराहना की।
बिहार के रहने वाले हैं मोहम्मद जसीम
सभी कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद जसीम को वार्ड नंबर 10, आलम चक, बेगूसराय, बिहार स्थित उनके घर ले जाया गया। विदाई के समय आश्रम के सेवा साथी, कार्यालय प्रभारी और कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।
